Indore: सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द, 84 दिनों से थी जेल से बाहर

By Abhishek Raghuvanshi
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हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या के चर्चित मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने गुरुवार को उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं।

अपने पति को हनीमून के बहाने शिलांग ले जाकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द कर दी और उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सवाल उठाए थे और सोनम रघुवंशी को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुकदमे का सामना करने का सुझाव दिया था। सोनम पिछले 84 दिनों से जमानत पर जेल से बाहर थी।

मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम को जून 2025 में अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह दंपती पिछले साल 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। इसके बाद 2 जून 2025 को राजा का शव एक गहरी खाई में मिला था।

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27 अप्रैल को मिली थी जमानत

सोनम को पुलिस ने पिछले साल गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया था। उसका प्रेमी राज कुशवाह और उसके तीन साथी इंदौर से गिरफ्तार हुए थे। पुलिस के अनुसार, राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर लौट आई थी और एक किराए के फ्लैट में छिपकर रह रही थी। निचली अदालत ने 27 अप्रैल को उसे जमानत दे दी थी। जमानत रद्द कराने के लिए मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

खाई में फेंका था शव

मामले की जांच कर रही पुलिस का आरोप है कि सोनम ने किराए के हत्यारों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, तीन युवकों ने सोनम के कहने पर चाकू से राजा पर हमला किया और बाद में सोनम ने शव को खाई में फेंकने में उनकी मदद की। पुलिस को शिलांग में सोनम की जैकेट भी मिली थी, जिस पर खून के निशान पाए गए थे।

गलत धारा बनी थी जमानत की वजह

हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत इस आधार पर बरकरार रखी थी कि पुलिस गिरफ्तारी के उचित लिखित आधार देने में विफल रही। गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) के बजाय गलती से धारा 403 दर्ज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे जांच में न्यायिक विवेक का अभाव माना था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अब सोनम की जमानत रद्द कर दी है।

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