हाल ही में ‘हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम’ (H-FAST) ने 4,032 किलो जिंजर-गार्लिक (अदरक-लहसुन) पेस्ट जब्त किया। साथ ही 6,210 किलो घटिया कच्चा माल भी सीज किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे अनहाइजीनिक तरीके से बनाया जा रहा था।
अमूमन हर भारतीय किचन में हर रोज जिंजर-गार्लिक पेस्ट का इस्तेमाल होता है। ऐसे में फूड सेफ्टी मानकों के विपरीत तैयार पेस्ट सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
सवाल- जिंजर-गार्लिक पेस्ट में किस तरह की मिलावट की जाती है?
जवाब- मिलावटखोर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसमें कई तरह की मिलावट करते हैं। जैसेकि-
- गाढ़ेपन के लिए थिकनर एजेंट्स मिलाते हैं।
- खराब क्वालिटी के अदरक-लहसुन इस्तेमाल करते हैं।
- मात्रा बढ़ाने के लिए आलू, कद्दू, आटा और स्टार्च जैसे सस्ते फिलर्स मिलाते हैं।
- स्वाद बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाते हैं।
- शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए प्रिजर्वेटिव्स मिलाते हैं।
- पेस्ट को ताजा/आकर्षक दिखाने के लिए आर्टिफिशियल कलर मिलाते हैं।
सवाल- क्या इसमें सड़े-गले अदरक-लहसुन का इस्तेमाल होता है?
जवाब- हां, कुछ मामलों में सड़े-गले या खराब क्वालिटी के अदरक-लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है।
- इसकी खराब स्मेल दबाने के लिए ज्यादा नमक, प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं।
- सड़े माल से कलर बदलने पर आर्टिफिशियल कलर मिलाया जाता है।
- खराब क्वालिटी छिपाने के लिए ज्यादा तेल या स्टार्च मिलाया जाता है।
- ऐसे पेस्ट में बैक्टीरिया या फंगस पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सवाल- इसमें आर्टिफिशियल कलर, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स क्यों मिलाए जाते हैं?
जवाब- ये चीजें इसलिए मिलाई जाती हैं, ताकि-
- पेस्ट ज्यादा दिन तक खराब न हो।
- फ्रेश और नेचुरल दिखे।
- खुशबू, स्वाद बना रहे।
- खराब क्वालिटी का पता न चले।
- लागत कम हो।
सवाल- पेस्ट की मात्रा बढ़ाने के लिए कौन-से सस्ते फिलर्स मिलाए जाते हैं?
जवाब- मात्रा बढ़ाने और लागत कम करने के लिए जिंजर गार्लिक पेस्ट में सस्ते फिलर्स मिलाए जाते हैं। ये दिखने और टेक्सचर में असली पेस्ट जैसे लगते हैं, लेकिन न्यूट्रिशन और क्वालिटी घटा देते हैं। जैसेकि-
- कॉर्न या अन्य स्टार्च।
- आलू का पेस्ट।
- कद्दू या लौकी का पल्प।
- मैदा, आटा।
सवाल- अगर गलती से मिलावटी पेस्ट खा लिया तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाएं। जैसेकि-
- साफ पानी से कुल्ला करें।
- खूब पानी पिएं।
- स्वाद बहुत खराब है तो गुनगुना पिएं।
- नींबू पानी या ORS लें।
- खिचड़ी, दही-चावल, केला जैसे सुपाच्य फूड लें।
इन लक्षणों पर नजर रखें
- पेट दर्द, मरोड़
- उल्टी, मतली
- दस्त (डायरिया)
- एसिडिटी या सीने में जलन
- सिर दर्द या कमजोरी
- तेज पेट दर्द
- बुखार
- डिहाइड्रेशन (मुंह सूखना, चक्कर आना)
ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर को दिखाएं। बिना डॉक्टरी सलाह के अपने मन से कोई दवाई न लें।
सवाल- पैक्ड पेस्ट खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- पैक्ड जिंजर-गार्लिक पेस्ट खरीदते समय इन बातों का ख्याल रखें-
- इंग्रीडिएंट्स लिस्ट देखें।
- केमिकल्स या एडिटिव्स ज्यादा हों तो न लें।
- मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करें।
- एक्सपायरी डेट नजदीक हो तो न लें।
- सील चेक करें। लीक पैकेट न लें।
- FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें।
- विश्वसनीय ब्रांड का पेस्ट खरीदें।
- बहुत सस्ता न खरीदें।
- खरीदने के बाद फ्रिज में स्टोर करें।
