यह कहना गलत नहीं होगा कि इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में पेट्रोल-डीजल को लेकर बने दबाव को प्रशासन ने काफी हद तक संभाल लिया। बीती रात पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ ने हालात को तनावपूर्ण जरूर बनाया था, लेकिन सुबह होते-होते स्थिति में स्पष्ट सुधार नजर आया। ज्यादातर लोग एहतियातन टैंक फुल कराने पहुंचे थे, न कि वास्तविक कमी के कारण। अब तक कहीं से भी ऐसी ठोस सूचना सामने नहीं आई है कि शहर में पेट्रोल या डीजल का संकट है। कुल मिलाकर हालात फिलहाल नियंत्रण में और राहत भरे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की सक्रियता और संतुलित रणनीति साफ दिखी। कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में जिस तरह मीडिया और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग कर समसामयिक “दबाव” पर काबू पाया गया, उसने संभावित अव्यवस्था को टालने में अहम भूमिका निभाई। यही कारण है कि एक संभावित संकट, समय रहते नियंत्रित स्थिति में बदल गया।
