सिंहस्थ-2028 के पूर्व इंदौर में नया ब्रीज़ बनाए जाने का पूरा प्रयास, इसके बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ा जाएगा
लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण, इंदौर विकास प्राधिकरण निर्माण करने का प्रस्ताव है
शहर के प्रमुख शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ने से पहले उसके समानांतर नया ब्रिज बनाया जाएगा। इससे निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी।
सांसद श्री शंकर लालवानी की लगातार पहल और प्रयासों के परिणामस्वरूप शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली है। सांसद श्री लालवानी द्वारा इंदौर की प्रमुख अधोसंरचनाओं को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर लगातार संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जा रही है।
दो चरणों में होगा शास्त्री ब्रिज का निर्माण
शास्त्री ब्रिज का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में वर्तमान ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज बनाया जाएगा। योजना के अनुसार नए समानांतर ब्रिज को सिंहस्थ-2028 से पहले यातायात के लिए उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। नया ब्रिज शुरू होने के बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़ा जाएगा तथा दूसरे चरण में शेष निर्माण कार्य किया जाएगा। नए ब्रिज की ऊंचाई वर्तमान शास्त्री ब्रिज की तुलना में अधिक रखी जाएगी, जिससे भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर और आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सके।
लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया ब्रिज
बैठक में शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण एवं संबंधित विकास कार्य पर प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना इंदौर के यातायात और अधोसंरचना के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रस्तावित ब्रिज का एक छोर संभागायुक्त कार्यालय क्षेत्र से प्रारंभ होकर रीगल टॉकीज की ओर रहेगा।
इंदौर विकास प्राधिकरण करेगा निर्माण
शास्त्री ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को दिया गया है। आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े ने सर्वे एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सर्वे का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के आधार पर ब्रिज के एलाइनमेंट, संरचना, ऊंचाई, चौड़ाई, यातायात प्रबंधन सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
रेलवे करेगा कार्य का सुपरविजन
शास्त्री ब्रिज परियोजना के अंतर्गत आने वाले रेलवे हिस्से के कार्य का सुपरविजन रेलवे विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि ब्रिज के निर्माण का कार्य इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। इससे रेलवे क्षेत्र से जुड़े तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का समुचित पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सिंहस्थ-2028 से पहले नया ब्रिज उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास
बैठक में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर में यातायात और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है। शास्त्री ब्रिज शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक इसका उपयोग करते हैं। इसी कारण पुराने ब्रिज को पहले तोड़ने के बजाय पहले समानांतर नया ब्रिज तैयार करने की योजना बनाई गई है। इससे निर्माण अवधि में यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहेगी और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 से पहले नया शास्त्री ब्रिज तैयार कर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर की अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। शास्त्री ब्रिज का आधुनिक स्वरूप में पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नया ब्रिज शहर की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में रेलवे मंडल से श्री अंकुर कुमार सिंह, श्री राहुल चौधरी, श्री मुकेश रघुवंशी, श्री शक्ति सापुतारे, श्री अभिषेक सिंह सहित इंदौर विकास प्राधिकरण से श्री कपिल भल्ला उपस्थित रहे।
