प्रदेश में समग्र इकोसिस्टम को नई आर्थिक गति प्रदान की जाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का हमारा संकल्प है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (UIMR) इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर- पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार करेगी और मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज निर्माणाधीन आई टी पार्क-3 के निरीक्षण के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश के आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इकोसिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित किया जा रहे आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर (GCC) और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।
निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। विश्वस्तरीय यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क बनने जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव, विधायकगण श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा, श्री मनोज पटेल और पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के सीईओ श्री हिमांशु प्रजापति सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
