हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर मानने के ऐतिहासिक फैसले के बाद 22 मई यानी कल पहला शुक्रवार है। इसे लेकर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं।
हिंदू संगठनों ने मंदिर परिसर में शुक्रवार को सामूहिक अखंड पूजा का आह्वान किया है। जबकि पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाई कोर्ट के फैसले का अक्षरश: पालन होगा लेकिन नई परंपरा विकसित नहीं होने दी जाएगी। इसको देखते हुए पूरी धार नगरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
1200 जवानों की संख्या बढ़ाकर 2 हजार कर दी गई है। भोजशाला परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ऐसी की है, जैसी बसंत पंचमी के शुक्रवार पर रहती है।
