भीषण गर्मी से तपा इंदौर: दिन में 43.6 डिग्री पर पहुंचा पारा, रात आठ बजे तक चलती रही गर्म हवाएं

By Abhishek Raghuvanshi
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पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे इलाकों में भी चक्रवाती क्षेत्र बना है, जिसके कारण मौसम प्रभावित हो रहा है।
उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवाओं ने मौसम अचानक बदल गया
मई का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही तापमान में बढ़ने लगा है
अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक रहा
इंदौर। उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवाओं ने मौसम अचानक बदल गया। मई का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही तापमान में बढ़ने लगा है। सूरज के तेवर और भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान भी 25.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे इलाकों में भी हवा का चक्रवाती क्षेत्र बना है, जिसके कारण मौसम प्रभावित हो रहा है। अगले कुछ दिन तापमान में एक से दो डिग्री का अंतर देखा जा सकता है।
दिन चढ़ने के साथ ही सूरज के तेवर तीखे होते गए
मंगलवार सुबह 10 बजे के बाद धूप इतनी तेज हो गई कि सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई। दिन चढ़ने के साथ ही सूरज के तेवर तीखे होते गए। करीब 12 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रही। रात आठ बजे तक गर्म हवाएं महसूस हुई। सूरज ढलने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिली और उमस बनी रही। बीते चौबीस घंटों में न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा गया।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर पड़ने से तापमान तेजी से बढ़ रहा है
रात का पारा 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। रात का तापमान भी 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक गर्मी को नियंत्रित करने वाला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर पड़ गया है, जिसके कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है
मालवा-निमाड़ इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सूरज की तपिश ऐसी है कि सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगता है और दोपहर होते-होते शहर तवे की तरह तपने लगते हैं। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। गर्म हवाओं और झुलसाने वाली धूप के बीच रतलाम ने गर्मी का नया इतिहास रच दिया। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जिले के मौसम इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले 24 मई 2024 को 46.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। प्रदेश में भी रतलाम सबसे गर्म शहर रहा।

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