
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस ने बिना हेलमेट बाइक चालकों के खिलाफ चार दिन से अभियान चला रखा है। इस दौरान 8500 लोगों के चालान बनाए गए हैं। इस अभियान के बीच लोगों की नाराजगी और लापरवाही भी सामने आ रही है। यातायात पुलिस विजयनगर, पलासिया, महू नाका पर कार्रवाई कर रही है।
धीरे-धीरे आदत डल जाएगी
हेलमेट पहनने के लिए कई अभियान चलाए हैं। हेलमेट भी लोगों को बांटे हैं। अब सिर्फ कार्रवाई होगी। इसी से धीरे-धीरे लोगों की आदत बदल जाएगी। अभी हम सिलेक्टेड चौराहों पर चालान बना रहे हैं। बाद में बड़े पैमाने पर और चौराहों पर भी कार्रवाई होगी। – आनंद कलादगी, डीसीपी ट्रैफिक
65% मौतें हेलमेट नहीं लगाने से
शहर में सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अधिकांश हादसे ओवर स्पीडिंग में ही हुए हैं। 2025 में 3384 से ज्यादा हादसे हुए हैं। इसमें 2730 लोग जख्मी हुए हैं। 252 लोगों की मौत हो गई है। इनमें मुख्य कारण बिना हेलमेट, नशे में गाड़ी चलाना, ओवर स्पीडिंग, नौसीखिए चालक, खराब सड़क भी हैं।
नोट: 2025 के आंकड़े 15 दिसंबर तक के हैं।)
इनमें 65 प्रतिशत से ज्यादा मौतें बाइक सवार और पैदल चलने वालों की हुई है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अधिकांश बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था।
महू नाका… सिर में चोट, इसलिए नहीं पहना हेलमेट
- एक बाइक सवार बोला सिर में चोट है। दर्द है इसलिए हेलमेट नहीं पहन सकता। यातायातकर्मी बोले अभी आप चालान बनवा लो। कोर्ट में मेडिकल सर्टिफिकेट लगा देना तो चालान माफ हो जाएगा।
- तीन सवारी बैठाकर जा रहे युवक को रोका तो बोला कि इमरजेंसी में अस्पताल जा रहा हूं। इसलिए ध्यान नहीं रहा।
- एक बुजुर्ग बोले मैं तो रोजाना हेलमेट पहनता हूं। आज जल्दबाजी में घर से निकलने के दौरान लगाना भूल गया।
- कुछ वाहन चालकों का विरोध था कि छोटी दूरी के लिए हेलमेट जरूरी नहीं होना चाहिए, तो कुछ ने इसे अचानक की गई सख्ती बताया।
- कई युवाओं ने विरोध किया कि पहले शहर की सड़कें, सिग्नल की टाइमिंग सुधारो तो हेलमेट की आदत बनेगी।
हेलमेट से दूरी इसलिए भी…
कम दूरी की बात : लोग मानते हैं कि पास के चौराहे या कॉलोनी तक हेलमेट की जरूरत नहीं।
गर्मी और असहजता : खासकर गर्म मौसम में हेलमेट पहनना लोगों को परेशानी भरा लगता है।
फैशन और हेयरस्टाइल : हेलमेट लगाने से संवरे बाल बिगड़ जाते हैं। युवाओं में यह भी एक कारण है।
आदत की कमी : वर्षों से बिना हेलमेट घूम रहे हैं, इसलिए अभी तक नियमों को हलके में लेने की आदत जारी है।
कार्रवाई : कई लोग सिर्फ चालान के डर से हेलमेट पहनते हैं, आदत के तौर पर नहीं।
हालांकि कई नागरिकों का कहना है कि हेलमेट जान बचाने का साधन है।
