मूलभूत अधोसंरचनाओं के विकास कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य जून 2027 निर्धारित किया गया
धार जिले के भैंसोला में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव द्वारा गुरुवार को परियोजना स्थल का भ्रमण किया गया। इस दौरान धार कलेक्टर श्री राजीव रंजन, एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति, एमपीआईडीसी के मुख्य अभियंता, नेशनल इंडस्ट्री कॉरिडोर, जिला प्रशासन एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, निर्माण एजेंसी एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने बताया कि राज्य शासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप पार्क की सीमा तक सड़क, पानी एवं बिजली उपलब्ध कराने संबंधी कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं, जिन पर राज्य शासन द्वारा अब तक लगभग 88 करोड़ रुपये व्यय किया गया हैं। इसके अतिरिक्त पार्क की आंतरिक अधोसंरचना एवं मोबिलाइजेशन कार्यों पर लगभग 76 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें मुख्य रूप से आवंटित भूखंडों का समतलीकरण, 10 किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण, वॉटर ट्रीटमेंट एवं सप्लाई सिस्टम, इलेक्ट्रिकल वर्क एवं सब स्टेशन आदि निर्माण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पार्क की सभी मूलभूत अधोसंरचनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य जून 2027 निर्धारित किया गया है तथा इसके लिए सभी विकास कार्य समानांतर रूप से किए जा रहे हैं।
वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशक इकाइयों की सुविधा हेतु कच्चे माल विशेषकर कपास की उपलब्धता एवं कुशल रोजगार की आपूर्ति हेतु अभी से कार्य प्रारंभ किए जाएं। साथ ही निवेशक कंपनियों को अपनी उत्पादन लाइन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परिवहन लागत कम करने के उद्देश्य से पार्क तक रेलवे लाइन कनेक्टिविटी विकसित करने के निर्देश भी दिए। इस संबंध में भारत सरकार स्तर पर आवश्यक प्रस्ताव वस्त्र मंत्रालय को भेजने को कहा गया।
बैठक में पार्क क्षेत्र में पृथक से आईटीआई स्थापित किया जाए जिसमें टेक्सटाइल वैल्यू चेन आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने, ईएसआईसी हॉस्पिटल हेतु प्रस्ताव तैयार करने तथा आर एंड डी सेंटर विकसित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव महोदया ने कहा कि इससे इकाइयों को उत्पाद नमूने तैयार करने में सुविधा मिलेगी तथा औद्योगिक भूमि का बेहतर उपयोग उत्पादन गतिविधियों में हो सकेगा।
सचिव श्रीमती राव ने निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं गति की सतत मॉनिटरिंग करने, समय-समय पर फोटोग्राफी एवं ड्रोन शूट के माध्यम से रिकॉर्ड संधारित करने, विकास कार्यों का नियमित ऑडिट कराने तथा निर्माण सामग्री की टेस्टिंग रिपोर्ट सुव्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने सचिव श्रीमती राव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों के पालन हेतु संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने एवं पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
