पश्चिमी इंदौर बन रहा देश का उभरता लॉजिस्टिक्स हब

By Abhishek Raghuvanshi
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2000 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश से बदल रही तस्वीर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना के विकास को नई गति मिली है। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां, बेहतर कनेक्टिविटी तथा निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के परिणामस्वरूप इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स गंतव्यों में उभर रहा है। विकसित हो रहा यह लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश को नेशनल फ्रेट कॉरीडोर एवं एक्सप्रेस-वे से जोड़ते हुए उद्योगों की लागत कम करने, निर्यात बढ़ाने तथा निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र तेजी से मध्य भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। पश्चिमी इंदौर में विकसित हो रही विभिन्न लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं न केवल औद्योगिक विकास को नई गति देंगी, बल्कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण तथा निर्यात गतिविधियों के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की लॉजिस्टिक्स कंपनियों द्वारा किए जा रहे निवेश इस क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं और मजबूत औद्योगिक आधार को दर्शा रहे हैं एवं विदेशी निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं।
पीथमपुर में लगभग ‘255 एकड़’ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा ‘मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP)’ इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। लगभग ‘रूपये 1,110 करोड़’ लागत की इस परियोजना पर अब तक ‘रूपये 160 करोड़’ व्यय किए जा चुके हैं। पार्क में ‘4 लाख वर्गफुट वयरहाउसिंग स्पेस’ का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा ‘150 कमरों वाले होटल’ का निर्माण भी किया जा रहा है। पार्क में वेयरहाउसिंग संचालन अगले माह से प्रारंभ होने की संभावना है।
यह परियोजना सड़क एवं रेल दोनों माध्यमों से जुड़ी होगी, जिससे माल परिवहन की लागत एवं समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। पार्क में ’25 एकड़ क्षेत्र वाणिज्यिक गतिविधियों’ के लिए तथा ’25 एकड़ क्षेत्र कस्टम बाउंड इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं’ के लिए आरक्षित किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों एवं बंदरगाहों तक तेज और किफायती पहुंच उपलब्ध कराने वाला यह पार्क क्षेत्र के उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना से लगभग ‘10,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार’ सृजित होने की संभावना है।


इसी प्रकार, माचल (इंदौर) में ‘Xsio Logistics Park’ द्वारा लगभग ‘22.3 हेक्टेयर’ क्षेत्र में ‘रूपये 600 करोड़’ के निवेश से आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग, स्मार्ट इन्वेंट्री प्रबंधन, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्टेशन सपोर्ट, ट्रक टर्मिनल तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना से लगभग ‘4,000 रोजगार’ सृजित होने का अनुमान है तथा यह इंदौर क्षेत्र में ई-कॉमर्स, विनिर्माण एवं वितरण गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
पीथमपुर सेक्टर-7 में ‘कामाख्या लॉजिस्टिक्स पार्क’ भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग ’20 एकड़’ क्षेत्र में ‘रूपये 127 करोड़’ का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक वेअरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराएगी तथा लगभग ‘200 लोगों को रोजगार’ प्रदान करेगी। परियोजना से पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र को स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता की लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह पार्क भी शीघ्र ऑपरेशनल होने जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, ‘Gateway Distriparks’ द्वारा पीथमपुर क्षेत्र में लगभग ’30 एकड़ निजी भूमि’ का अधिग्रहण कर ‘रूपये 200 करोड़ का निवेश एवं ‘450 लोगों को रोजगार’ प्रस्तावित है, उनके द्वारा एक बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह निवेश क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती रुचि का प्रमाण है। प्रस्तावित परियोजना के विकसित होने से वेयरहाउसिंग, कंटेनर हँडलिंग, मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्टेशन तथा वेल्यू एडेड लॉजिस्टिक्स सेवाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन सभी परियोजनाओं को मिलाकर पश्चिमी इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र में ‘रूपये 2,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष निवेश’ आकार ले रहा है, जबकि आने वाले वर्षों में इससे जुड़े सहायक निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के माध्यम से यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से ‘14,650 से अधिक रोजगार अवसर’ सृजित होंगे। साथ ही ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड चेन, होटल, रिटेल एवं अन्य सहायक सेवाओं में भी व्यापक आर्थिक गतिविधियां विकसित होंगी।
इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरीडोर के विकसित हो जाने से लॉजिस्टिक के साथ-साथ वाणिज्यिक गतिविधियों हेतु भी भूमि उपलब्ध होगी एवं इससे क्षेत्र का सेवा क्षेत्र में सर्वांगिक विकास होगा, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी, रोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवा को प्रदेश में रोजगार मिलेगा।
पीथमपुर पहले से ही ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल एवं विनिर्माण क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। विकसित हो रहा यह लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम क्षेत्र की औद्योगिक इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा तथा उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए बेहतर एवं कम लागत वाले विकल्प उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र बनाने की दिशा में इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की ये परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। इन परियोजनाओं से न केवल बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजित होगा, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, निर्यात क्षमता तथा राष्ट्रीय सप्लाई चेन में मध्य प्रदेश की भागीदारी को भी नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी। विकसित हो रहा यह लॉजिस्टिक्स हब आने वाले वर्षों में पश्चिमी इंदौर को देश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं वितरण केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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