इंदौर के प्रसिद्ध पुरातत्वविद् श्री नारायण व्यास को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारतीय इतिहास, सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में उनके दशकों लंबे योगदान की राष्ट्रीय स्वीकृति है। सोमवार को शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में उनका सम्मान किया गया, प्राचार्य डॉक्टर अजीत पाल सिंह चौहान ने उनका सम्मान किया। श्री व्यास जी ने अपने जीवन का अधिकांश समय देश के विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों में प्राचीन स्थलों, शिलालेखों और ऐतिहासिक अवशेषों के अध्ययन एवं संरक्षण में समर्पित किया। उनके शोध कार्यों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम का संचालन डॉ अखलेश भार्गव, विभाग अध्यक्ष शल्य तंत्र के द्वारा एवं आभार प्रदर्शन डॉक्टर आशीष तिवारी के द्वारा किया गया। उनके परिवारजनों और शिष्यों ने इसे न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण की जीत बताया।
