गले की तीन नसें और एक ग्रंथि कटी, तीन से चार माह में पूरी तरह ठीक हो पाएगा
चाइनीज मांजे के कारण गले में कट लगने से 30 साल के युवक के सुर ही बदल गए। डॉक्टरों ने 5 घंटे जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। डॉक्टरों के अनुसार उसे पूरी तरह ठीक होने में करीब तीन माह लग सकते हैं। घायल युवक हेमराज चौरसिया है।
हेमराज के पिता रवि चौरसिया ने बताया कि हेमराज पेट्रोल पंप पर नाइट ड्यूटी करता है। 14 जनवरी की सुबह करीब 9:30 बजे बेटा तीन इमली ब्रिज से चंदन नगर धार रोड स्थित घर लौट रहा था, तभी चाइनीज मांजे की चपेट में आ गया। गले पर गहरा कट लगते ही खून तेजी से बहने लगा। रवि पेंटर का काम करते हैं।
चार दिन आईसीयू, अब भी परेशानी
सर्जरी के बाद हेमराज को 48 घंटे कड़ी निगरानी में रखा गया और चार दिन तक आईसीयू में इलाज चला। 20 जनवरी को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। फिलहाल उसे सेमी लिक्विड डाइट दी जा रही है। वह न तो ठीक से मुंह खोल पा रहा है और न ही स्पष्ट बोल पा रहा है। उसकी आवाज बदल गई है। खांसने पर टांके टूटने से गुरुवार को दोबारा टांके लगाने पड़े।
गर्दन की महत्वपूर्ण नसें कटी थीं
गंभीर हालत में हेमराज को विशेष जूपिटर हॉस्पिटल लाया गया। सर्जन डॉ. अक्षय शर्मा के अनुसार मरीज की बाईं ओर गर्दन में बड़ा घाव था, जिसमें से लगातार खून बह रहा था। गर्दन की महत्वपूर्ण नसें और आसपास की मांसपेशियां भी क्षतिग्रस्त थीं।
डॉक्टरों की टीम ने तत्काल रक्तस्राव नियंत्रित किया। मरीज को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। 5 घंटे सर्जरी में कटी हुई रक्त वाहिकाओं की रिपेयर और लिगेशन की गई। सबमैंडिबुलर ग्रंथि की मार्सुपियलाइजेशन और कटी हुई मांसपेशियों की मरम्मत की गई। डॉक्टरों के अनुसार यदि मरीज को 10 मिनट भी देर से अस्पताल लाया जाता, तो उसे बचाना मुश्किल था।
