विजय नगर स्थित एक जिम में श्रद्धांजलि संदेश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है, जबकि जिम संचालक को जांच में क्लीन चिट दे दी गई। जबकि पीड़ित ने उसके खिलाफ ही नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। कोर्ट ने दो आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट भी जारी किए हैं। विजयनगर थाने में परदेशीपुरा निवासी एक व्यापारी ने 2 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह पिछले दो साल से विजय नगर स्थित गोल्ड जिम का सदस्य है। 24 अप्रैल 2025 को उसने पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले से आहत होकर जिम के नंबर पर श्रद्धांजलि स्वरूप एक मैसेज भेजा था। शिकायत के अनुसार मैसेज भेजने के बाद जिम के मैनेजर नितिन छपरवार और रोहित शुक्ला ने उसे केबिन में बुलाया। यहां दोनों ने मैसेज भेजने को लेकर आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।अगले ही दिन 25 अप्रैल को उसकी जिम सदस्यता भी खत्म कर दी गई। व्यापारी ने जिम संचालक शांतनु ठाकुर पर भी फोन पर गाली देने के आरोप लगाए थे। हालांकि पुलिस जांच में दो गवाहों के बयान के आधार पर ये आरोप सही नहीं पाए गए, जिसके चलते संचालक को प्रकरण से अलग कर दिया गया।
दो आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पुलिस ने मामले में नितिन छपरवार और रोहित शुक्ला के खिलाफ धारा 294, 351(3), 3(5) सहित अन्य धाराओं में चालान पेश किया। इस पर जिला न्यायालय इंदौर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 5-5 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं। मामले में एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई है। पुलिस द्वारा पेश चार्जशीट में आरोपियों के फोटो अदला-बदली कर चस्पा हुए हैं। पीड़ित ने कहा उसे जानकारी नहीं पूरे मामले में शांतनु ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले पीड़ित से बात की तो उन्होने बताया कि उसे जानकारी नही कि चालान में शांतनु ठाकुर का नाम है। पीड़ित के मुताबिक वह मामले में पता लगाएगे। शांतनु का नाम नहीं आया सामने जांच अधिकारी अजय सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस की एफआईआर में शांतनु का नाम सामने आया। वह मौके पर नहीं था। पीड़ित को शंका थी कि जिम उसकी है। बाद में गवाह मौका मुआयना में यह सब नहीं मिला। जो मौके पर मौजूद थे। उनके खिलाफ कारवाई की गई।
