इंदौर में एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी को कॉल डिटेल रिकॉर्ड बेचने के आरोप में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानि एटीएस ने क्राइम ब्रांच से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को दबोचा है… खबर है कि क्राइम ब्रांच में विष्णु वास्कले के अधीन काम करने वाला सिपाही रविन्द्र और एएसआई राम को गिरफ्तार किया गया… एएसआई राम को महाराष्ट्र जाते वक्त टॉवर लोकेशन के आधार पर बीच रास्ते से उठाया, तो रविन्द्र घर से पकड़ाया… पता चला है कि ये दोनों डिटेक्टिव एजेंसी संचालक मुकेश तोमर के सम्पर्क में थे और आशंका है कि इन्होंने मोटी रकम लेकर सीडीआर यानि कॉल डिटेल रिकॉर्ड बेची… पता चला है कि पिछले कुछ समय से एटीएस कुछ संदिग्ध नम्बरों पर नजर रखी थी और उनकी छानबीन की जा रही थी… इस छानबीन में दोनों पुलिसकर्मियों के नम्बर पाए गए और बारीकी से जांच करने पर इन दोनों की भूमिका संदिग्ध मिली… फिलहाल दोनों से एटीएस मुख्यालय में पूछताछ जारी है और अधिकारियों को शक है कि इस रैकेट में और भी चौंकाने वाले नाम शामिल हो सकते हैं..!
