उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के तत्वावधान में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों के लिए एक दिवसीय ऑनलाइन संकाय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह विशेष प्रशिक्षण सत्र दोपहर 12 बजे से अपराह्न 03 बजे तक आयोजित किया गया। सत्र के मुख्य वक्ता और विषय विशेषज्ञ के रूप में शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार सोनी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को समझना और संकट की स्थिति में संकाय सदस्यों को कुशल मार्गदर्शक के रूप में तैयार करना था।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमित ने विभिन्न महत्वपूर्ण मॉड्यूल्स पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसमें ‘साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड’ (Psychological First Aid) अर्थात प्राथमिक मनोवैज्ञानिक सहायता की तकनीकों को साझा किया गया। सत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जब कोई विद्यार्थी किसी तीव्र मानसिक संकट या अवसाद से गुजर रहा हो, तो कॉलेज स्तर पर उसकी पहचान कैसे की जाए और उसे तुरंत किन उपायों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने आत्महत्या की रोकथाम के लिए निर्धारित ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP) और चेतावनी संकेतों को पहचानने के व्यावहारिक तरीकों से सभी को अवगत कराया।
सत्र के अंतिम चरण में गंभीर संकट की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की रणनीतियों और विद्यार्थी की ‘गोपनीयता’ बनाए रखने के महत्व पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी का विश्वास जीतने और उनके आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उनकी समस्याओं को पूरी तरह गोपनीय रखना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जहाँ महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया। अंततः, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को विद्यार्थियों के प्रति अधिक संवेदी बनाने और कॉलेज परिसर में एक सुरक्षित, स्वस्थ एवं सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार करने की दिशा में अत्यंत प्रभावकारी और सराहनीय सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय किला भवन इंदौर में प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी, समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रही। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. नेहा गुप्ता द्वारा दी गई।
