शासकीय सेवकों ने गतिविधियों के माध्यम से नेतृत्व, टीमवर्क और विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने के कौशल किए विकसित
कर्मयोगी पोर्टल पर अनिवार्य एआई प्रशिक्षण एवं अन्य पाठ्यक्रमों को समय-सीमा में पूर्ण करना जरूरी

मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित “कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम” के तहत गुरुवार को ई-दक्ष केंद्र, इंदौर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, कार्यालय परियोजना संचालक आत्मा तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को अपनी क्षमताओं एवं योग्यताओं की पहचान करने, समूह में प्रभावी ढंग से कार्य करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी सुनाए। कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री अतुल कुमार पाण्डेय एवं प्रशिक्षक सुश्री जाग्रति चौहान ने किया।

आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी, भोपाल के निर्देशानुसार जिले के समस्त शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए “कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम” के अंतर्गत नियमित कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य शासकीय सेवकों के कौशल, कार्यदक्षता, क्षमता, व्यवहारिक दक्षता तथा सेवाभाव को सुदृढ़ बनाना है।
इंदौर जिले में कार्यक्रम का प्रथम चरण 20 जून 2026 से 6 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अब तक 11 विभागों के 160 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कोर्स पूर्ण करना अनिवार्य है। इसके साथ ही आरसीवीपी प्रशासन अकादमी द्वारा विभिन्न विषयों पर तैयार किए गए अन्य ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना आवश्यक है।
सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे प्राथमिकता के आधार पर कर्मयोगी पोर्टल पर अधिकतम पाठ्यक्रम पूर्ण करें तथा शासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में अपने कार्यालयों के शत-प्रतिशत कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करें।

