सोशल मीडिया की दुनिया भी बड़ी गजब है जनाब… यहां कोई खुद को बिजनेसमैन बताता है, कोई लग्जरी कारों का मालिक, तो कोई महलों का राजा। लेकिन शहडोल में जो कहानी सामने आई, उसने फिल्मों की स्क्रिप्ट को भी पीछे छोड़ दिया।
एक युवक ने इंस्टाग्राम पर अपना नाम “करण राजपूत” रख लिया। प्रोफाइल में आलीशान बंगले, महंगी गाड़ियां और रॉयल लाइफस्टाइल के फोटो लगा दिए। तस्वीरें देखकर ऐसा लगता था मानो कोई राजघराने का वारिस ऑनलाइन घूम रहा हो। इसी चमक-दमक को देखकर कॉलेज की फर्स्ट ईयर की एक छात्रा भी उसके प्रेम जाल में फंस गई।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब पुलिस ने जांच शुरू की। जो शख्स इंस्टाग्राम पर खुद को कोठियों का मालिक बता रहा था, उसकी असलियत कुछ और ही निकली। करोड़ों की प्रॉपर्टी का दावा करने वाला युवक असल में घरों में पुट्टी-पुताई का काम करने वाला मजदूर निकला। यानी इंस्टाग्राम पर महल, और रियल लाइफ में पेंट की बाल्टी!
युवक छात्रा को लेकर मुरैना पहुंच गया था, लेकिन जैतपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी की पहचान ग्वालियर निवासी करण धानुक के रूप में हुई है, जिसने फर्जी पहचान बनाकर पूरा डिजिटल ड्रामा रच डाला।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चमक सोना नहीं होती। कई बार BMW वाली प्रोफाइल के पीछे बाइक भी नहीं होती, और महलों वाले फोटो के पीछे किराए का कमरा निकल आता है।
