इंदौर में #राहवीरयोजना की पहली चमक

By Abhishek Raghuvanshi
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दो नेक दिलों ने ‘गोल्डन ऑवर’ में बचाईं जानें, मिलेंगे 25-25 हजार रुपये और सम्मान

समिति ने भेजा परिवहन आयुक्त को प्रस्ताव
सड़क हादसा देखकर अक्सर लोग डर जाते हैं, कोई कानूनी झंझट के डर से रुकता नहीं। लेकिन इंदौर में दो ऐसे नागरिक सामने आए हैं, जिन्होंने इंसानियत को प्राथमिकता दी और घायलों को “गोल्डन ऑवर” में अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचा ली। अब केंद्र सरकार की राह-वीर योजना–2025 के तहत इंदौर में पहली बार दो राह-वीरों को पात्र घोषित किया गया है, जिन्हें 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और सम्मान-पत्र दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। हाल ही में इस योजना के तहत कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने दो राहवीरों के नाम परिवहन आयुक्त को भेजे है।
जिला स्तरीय अप्रेज़ल कमेटी द्वारा सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। बीते दिनों सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने भी राहवीर के मामलों का शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा था। चयनित मामलों में यह स्पष्ट हुआ कि समय पर की गई मदद ही घायलों के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बनी।
एआरटीओ सुश्री अर्चना मिश्रा ने बताया की राह-वीर योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है। समिति में पुलिस आयुक्त / एसएसपी, इंदौर,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), इंदौर और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ), इंदौर शामिल रहते है। समिति की अनुशंसा के बाद पात्र राह-वीरों का विवरण e-DAR पोर्टल पर अपलोड किया जाता है, जिसके बाद प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
पहला राहवीर: सूरज विश्वकर्मा (लसूड़िया थाना क्षेत्र)
विगत 20 जून 2025 को संजय कुरोची सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। न्याय नगर निवासी सूरज पिता हीरालाल विश्वकर्मा ने एक पल भी गंवाए बिना घायल को उठाया और तुरंत अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से संजय की जान बच सकी। स्पष्ट कारण दर्ज करते हुए घायल को समय पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, इससे उनको नया जीवन मिला।
दूसरा राहवीर: निलेश गौर (बाणगंगा थाना क्षेत्र)
इंदौर में विगत 19 जून 2025 को नितेश पिता मधुकर निवासी कमलाकेशर नगर (कुशवाह नगर) का रिक्शा पलट गया। हादसे में उनके मुंह, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। रामनगर निवासी निलेश गौर ने बिना देर किए उन्हें अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया। गोल्डन ऑवर में मिली सहायता के चलते नितेश की हालत संभल सकी। इस प्रकरण को भी समिति ने पात्र माना।
‘डरिए मत, मदद कीजिए’ प्रशासन की अपील
एआरटीओ श्री राजेश गुप्ता ने कहा कि राह-वीर योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज में मददगार नागरिकों को सम्मान और पहचान देने की पहल है। नागरिकों से अपील की गई है कि “दुर्घटना देखकर पीछे न हटें। गोल्डन ऑवर में मदद करें, जान बचाएं और सम्मान पाएं”। एक राहवीर साल में अधिकतम पाँच मामलों में पात्र हो सकता है। जबकि दो लोग होने पर राशि आधी आधी कर दी जाती है।
यह है राह-वीर योजना
राह-वीर योजना केंद्र सरकार की एक मानवीय पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर मदद दिलाने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित और सम्मानित करना है।
योजना की खास बातें:

  • सड़क हादसे में घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 1 घंटे) में अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को पुरस्कार
  • राह-वीर को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
  • सम्मान-पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मान
  • मदद करने वाले पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं
  • अस्पताल घायल के इलाज से इंकार नहीं कर सकता
  • चयन जिला स्तरीय समिति की जांच के बाद
    ऐसे मिलता है लाभ
  • पुलिस व अस्पताल से प्राप्त जानकारी के आधार पर मामला दर्ज
  • जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा जांच
  • पात्र पाए जाने पर विवरण e-DAR पोर्टल पर अपलोड
  • राशि सीधे राह-वीर के बैंक खाते में ट्रांसफर
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