इंदौर में पांच थानों में शुरू हुई ईसीआईटी साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फ्रॉड की शिकायत पर तुरंत मिलेगी मदद

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read

हेल्प डेस्क का शुभारंभ सोमवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना पलासिया से किया गया। पुलिस कमिश्नर सिंह ने बताया कि इन हेल्प डेस्क के माध्यम से साइबर फ्राड से संबंधित शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सके।
राजेंद्र नगर, विजय नगर, भंवरकुआं, पलासिया तथा क्राइम ब्रांच इंदौर में ईसीआईटी के अंतर्गत साइबर हेल्प डेस्क का गठन किया गया है
हेल्प डेस्क का शुभारंभ सोमवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना पलासिया से किया गया
पुलिस कमिश्नर ने उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी
इंदौर। आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने एवं साइबर फ्राड की स्थिति में थाना स्तर पर ही त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चारों जोन के एक-एक थाना राजेंद्र नगर, विजय नगर, भंवरकुआं, पलासिया तथा क्राइम ब्रांच इंदौर में ईसीआईटी (एक्सपर्ट साइबर इंवेस्टिगेशन टीम) के अंतर्गत साइबर हेल्प डेस्क का गठन किया गया है।
हेल्प डेस्क का शुभारंभ सोमवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना पलासिया से किया गया। पुलिस कमिश्नर सिंह ने बताया कि इन हेल्प डेस्क के माध्यम से साइबर फ्राड से संबंधित शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सके। साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। इसी उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा सेफ क्लिक 2.0 अभियान संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर ने उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के कारण वे विभिन्न आनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रखने में सफल रहे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी आदि मौजूद रहे।
शहर के बदहाल ट्रैफिक को लेकर हुई सुनवाई
इंदौर :शहर की बदहाल ट्रैफिक, बीआरटीएस हटाने, अवैध पार्किंग के मुद्दे पर हाई कोर्ट में प्रस्तुत आधा दर्जन जनहित याचिकाओं में सोमवार को एक साथ सुनवाई हुई। हाई कोर्ट द्वारा गठित ट्रैफिक रेगुलेटरी कमेटी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षकारों से कहा कि वे इस रिपोर्ट को देखें और अगर उनके कोई सुझाव या आपत्ति हो तो वे 9 जुलाई को होने वाली सुनवाई में इसे प्रस्तुत करें। वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिय़ा ने बताया कि याचिकाओं में शहर में ट्रैफिक सिग्नल 24 घंटे संचालित नहीं होने, पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने, चौराहों पर यातायात का सही प्रबंधन नहीं होने, अवैध पार्किंग, सडक़ और फुटपाथ पर अवैध पार्किंग सहित अतिक्रमण सहित अन्य मुद्दे उठाए गए हैं।
हाई कोर्ट ने याचिकाओं की सुनवाई के दौरान वकीलों की दो कमेटियां गठित की हैं। इनमें से एक कमेटी ने यातायात सुधार के लिए अपने सुझाव और स्टेटस रिपोर्ट सोमवार को पेश कर दी। पिछली सुनवाई पर हाई कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया था कि जब तक ट्रैफिक पुलिस के रिक्त पद भरा नहीं जाते क्या तब तक यातायात प्रबंधन के लिए स्वयंसेवी संगठनों की मदद ली जा सकती है। कोर्ट ने इस बिंदु पर ट्रैफिक रेगुलेटरी कमेटी से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को समिति की रिपोर्ट में इस बिंदु को भी शामिल किया गया है।

Exit mobile version