इंदौर नगर निगम ने कर रखा था सड़क पर अतिक्रमण, जनहित याचिका दायर होते ही नींद से जागा; सुनवाई से पहले हटाया सामान

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

इंदौर नगर निगम ने खुद ही सड़कों पर अवैध अतिक्रमण कर रखा था। जिसे लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका दायर होते ही नगर निगम ने सुनवाई से पहले ही खुद अतिक्रमण हटा लिया है।
इंदौर नगर निगम ने सड़कों पर कर रखा था अतिक्रमण
जनहित याचिका दायर होने के बाद निगम को नोटिस जारी
सुनवाई से पहले निगम ने हटा लिया खुद का अतिक्रमण
इंदौर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर होते ही इंदौर नगर निगम की नींद खुल गई। निगम सालों से पत्थर गोदाम सड़क पर कब्जा कर अतिक्रमण में जब्त सामग्री रख रहा था। निगम ने यहां अवैध गोदाम बना लिया था। जनहित याचिका दायर होने के बाद निगम को नोटिस जारी हुआ। इसके बाद निगम ने खुद के द्वारा किया गया अतिक्रमण हटा लिया।
याचिकाकर्ता पुनीत शर्मा ने एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि पूरे शहर में फुटपाथ और सड़कों से गुमटियां, ठेले और अन्य सामग्री जब्त करने वाला नगर निगम खुद ही सड़कों पर अतिक्रमण कर रहा है। अतिक्रमणरोधी कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री को निगम सड़कों पर ही पटक रहा है।
शास्त्री ब्रिज से राजकुमार ब्रिज तक कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री पड़ी रहती है। नगर निगम ने यहां सड़क और ब्रिज के बोगदे के अंदर अघोषित गोदाम बना रखा है। निगम इस तरह से सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं कर सकता। इसके अलावा भी शहर में कई स्थान हैं जहां निगम द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है।
सालों से नहीं बदले गए अधिकारी
रेलवे स्टेशन के सामने स्थिति यह है कि सड़क पर दोनों ओर आटो रिक्शा वालों की कतार लगी रहती है। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। निगम के रिमूवल विभाग में सालों से बदलाव नहीं हुआ। कुछ चुनिंदा अधिकारी, कर्मचारी वर्षों से पद पर बने हुए हैं।
सात जनवरी को हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब 12 जनवरी को सुनवाई होना है। इसके पहले ही निगम ने सड़क पर किया गया अतिक्रमण हटा लिया।

Exit mobile version