इंदौर अग्निकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पुलिस जिसे बच्चे का शव समझकर ले गई थी, वह सोफे का फोम निकला

By Abhishek Raghuvanshi
5 Min Read

मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड में मृत आठ लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट डॉक्टरों ने पुलिस को सौंप दी। इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जिसे बच्चे का शव समझकर पोस्टमार्टम के लिए लाई थी, वह सोफे का फोम निकला है।
इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है
पुलिस जिसे बच्चे का शव समझकर ले गई थी, वह सोफे का फोम निकला
आठ वर्षीय बच्चे का धड़-सिर तलाशने दोबारा पहुंची फोरेंसिक टीम
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड में मृत आठ लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट डॉक्टरों ने पुलिस को सौंप दी। हादसे में मृत आठ साल के बच्चे का धड़ और सिर चार दिन बाद भी नहीं मिला। पुलिस जिसे बच्चे का शव समझकर पोस्टमार्टम के लिए लाई थी, वह सोफे का फोम निकला। उक्त सामग्री में बच्चे का सिर्फ पैर ही था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आने के बाद फोरेंसिक टीम बच्चे के शव के अन्य हिस्सों को तलाशने के लिए दोबारा दुर्घटनाग्रस्त मकान में जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किसी भी व्यक्ति को करंट नहीं लगा, मृत्यु का कारण धुआं और झुलसना ही आया है।
आठ लोगों की हो गई थी मौत
बता दें कि 60 वर्षीय उद्योगपति मनोज पुगलिया, बहू सिमरन सहित विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका उर्फ टीनू, कार्तिक, राशि और तनय की बुधवार तड़के घर में आग लगने से मौत हुई थी। शनिवार को एमवाय अस्पताल के डाक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी। रिपोर्ट में सिमरन के गर्भवती होने की पुष्टि भी नहीं हुई। नौकरानी सोनी मात्रे और स्वजन ने सिमरन को चार माह की गर्भवती बताया था।
वहीं मनोज के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के सामने कहा था कि फायरकर्मियों ने बिजली सप्लाई बंद किए बगैर पानी डाल दिया था। उसने करंट लगने की आशंका जताई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट से किसी के मौत की पुष्टि नहीं हुई। किशनगंज (बिहार) निवासी 68 वर्षीय विजय सेठिया (मनोज के साले) और कार्तिक की कार्बन मोनोआक्साइड से मौत होना बताया गया है।
सबसे आखिर में मिला था तनय का शव
बहू सिमरन और मनोज के शव छत पर बने चैनल गेट के पास मिले थे। सबसे अंत में रुचिका के आठ वर्षीय बेटे तनय का शव मिला था, एसडीईआरएफ की टीम ने उसे मलबे से निकाला था। पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों का कहना है कि तनय का सिर्फ पैर बचा है। पुलिसकर्मियों ने जिसे धड़ समझकर मर्च्युरी में रखा वो तो सोफे का फोम था।
सीएम ने विस्तृत रिपोर्ट बनाने को कहा
दरअसल, मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने चार्जर कनेक्ट होने से इनकार किया था। मुख्यमंत्री डा. यादव ने विस्तृत रिपोर्ट बनाने को कहा है। फायर सेफ्टी, बिजली, पुलिस और फोरेंसिक अफसर एकसाथ रिपोर्ट बना रहे हैं। जांच अधिकारियों ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि आग बिजली के खंभे से नहीं, बल्कि कार से शुरू हुई थी। बैटरी में ब्लास्ट भी हुआ था।
पुलिस के मुताबिक बुधवार तड़के करीब 3.30 बजे घटना के वक्त एक व्यक्ति मॉर्निंग वॉक पर जा रहा था। उसने ही शोर मचाया था। घंटी बजाकर उसने जगाने का प्रयास भी किया था, पुलिस उस व्यक्ति को ढूंढ रही है। ताकि वस्तु स्थिति स्पष्ट हो सके।
ब्रजेश्वरी एनएक्स में हुए अग्निकांड की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक की टीम पड़ताल में जुटी है। फारेंसिक रिपोर्ट और बिजली कंपनी की रिपोर्ट के बाद निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। -आरके सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त।
जले मकान के आसपास ही आशियाना ढूंढ रहा पुगलिया परिवार
हादसे में उद्योगपति मनोज पुगलिया का सबकुछ खाक हो गया। परिवार में बेटे सौरभ, सौमिल, हर्षित और पत्नी सुनीता व छोटी बहू सखी बची हैं, जो रहने के लिए नया घर तलाश रहे हैं, लेकिन ब्रजेश्वरी (एनएक्स) नहीं छोड़ना चाहते। नया मकान उन्हें घर (जला हुआ) के आसपास ही चाहिए। मनोज की पत्नी सुनीता की तबीयत दोबारा खराब हो गई, उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बता दें कि सादलगढ़ (राजस्थान) निवासी 60 वर्षीय मनोज ने 35 साल पूर्व काम की तलाश में घर छोड़ा था। कुछ साल बिहार के किशनगंज (बिहार) रहने के बाद इंदौर आए और रबर का व्यवसाय शुरू किया, जिसे नेपाल तक फैलाया। इंदौर में तीन मकान बनाए।

Exit mobile version