इंदौर दुग्ध संघ दूध उत्पादकों से घर-घर जाकर दूध संग्रह करें
किसानों के हित में राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं को लाभ मिले
दूध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु पशुपालकों के बीच डॉ. भीमराव अम्बेड़कर कामधेनु योजना का प्रचार-प्रसार करें
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में रबी 2025-26 एवं खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय में रबी 2025-26 एवं खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मण्डी बोर्ड, पशुपालन विभाग, इंदौर दुग्ध संघ आदि विभागों द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और यह वर्ष कृषि कल्याण वर्ष है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलायी जा रही है, इनका लाभ सभी किसानों को मिले। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। किसानों को समय पर उर्वरक मिले, मानक स्तर के बीज उपलब्ध कराया जाए तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयसीमा में समन्वय के साथ कार्य करें। अधिकारी मैदान पर जाकर सतत् निगरानी रखें। कार्य में अनुशासनहीनता नहीं बरते। उन्होंने इंदौर दुग्ध संघ के अधिकारियों को कहा कि वे घर-घर जाकर दूध उत्पादकों से दूध का संग्रहण करें। दूध उत्पादकों को समय पर भुगतान करें। दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही डॉ. भीमराव अम्बेड़कर कामधेनु योजना का ठीक से प्रचार-प्रसार करें। इस योजना में किसानों को शासकीय अनुदान का प्रावधान है और इसके लिए बैंकों द्वारा चयनित प्रकरणों को ऋण भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध करायें, ताकि वे अधिक से अधिक लाभ ले सकें।
बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्रीमती शिवानी वर्मा सहित कृषि विभाग, भारतीय कपास निगम लिमिटेड, उद्योग विभाग, राज्य तिलहन उत्पादक संघ, बीज निगम, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, मण्डी बोर्ड, पशुपालन विभाग, इंदौर दुग्ध संघ आदि विभागों के संयुक्त संचालक, सहायक संचालक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा अब तक 232 नई समितियों का गठन किया गया है। साथ ही 9 मिल्क रूट प्रारंभ किए गए है। संघ द्वारा भारत सरकार की एनपीडीडी परियोजना के अंतर्गत दूध की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए बीएमसी की स्थापना की गई है। संघ द्वारा एनपीडीडी परियोजना के अंतर्गत नवीन दुग्ध समिति का गठन कर आधुनिक दूध परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे है। बैठक में बताया गया कि मण्डी बोर्ड में ई-अनुज्ञा प्रणाली संचालित की जा रही है, जिसमें किसान की एंन्ट्री से लेकर अनुबंध तौल से लेकर ब्रिकी प्रमाणक आदि कार्य शामिल है। मण्डी बोर्ड में एमपी फार्म गेट के तहत एंड्रॉयड आधारित एप्लीकेशन है, जिससे किसानों को अपनी कृषि उपज सीधे अपने घर या खलिहान से बेचने की सुविधा प्रदान के उद्देश्य से बनायी गई है। इस ऐप को लॉन्च करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। इस नवाचार को भारत सरकार सहित अन्य राज्यों ने सराहा है और अन्य राज्य भी इस प्रणाली को अपनाने हेतु रुचि दिखा रहे है। वर्तमान में यह ऐप प्रदेश की सभी 259 कृषि उपज मण्डी में संचालित हो रहा है। अब तक इस ऐप के माध्यम से 137.54 लाख मैट्रिक टन कृषि उपज का विक्रय किया जा चुका है।
