स्वतंत्रता सेनानियों ने गोली खाईं, आप अंडों से डरती हैं?: महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक, ठुकराई मांग

By Abhishek Raghuvanshi
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सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की पुलिस के सामने वर्चुअल रूप से पेश होने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि राजनीति में आने के बाद अंडे फेंके जाने के डर से जांच से बचा नहीं जा सकता। अदालत के रुख के बाद महुआ ने याचिका वापस ले ली।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बजाय वर्चुअली पूछताछ की अनुमति मांगी थी। अदालत ने साफ कहा कि जांच का सामना करना होगा और केवल सांसद होने के आधार पर विशेष छूट नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के सामने महुआ मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की अनुमति दी जाए।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘क्या सिर्फ इसलिए कि आप सांसद हैं?’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब आपने राजनीति में आने का फैसला किया है तो अंडे फेंके जाने से क्यों डरती हैं? हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपनी छाती पर गोलियां खाई थीं’। अदालत के रुख को देखते हुए महुआ मोइत्रा की ओर से उनके वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही मामला वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया गया।

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