मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत इंदौर जिले के वरिष्ठ नागरिकों को हरिद्वार-ऋषिकेश की यात्रा करायी जायेगी

By Abhishek Raghuvanshi
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20 जून को इंदौर से रवाना होगी विशेष ट्रेन

योजना का लाभ लेने के लिए वरिष्ठ नागरिक 16 जून 2026 तक कर सकते हैं आवेदन जमा

मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए आस्था, सम्मान और सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के पात्र वरिष्ठ नागरिक जो 60 वर्ष या अधिक आयु के हैं और आयकरदाता नहीं हैं, को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जा रही है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत इंदौर जिले के वरिष्ठ नागरिकों के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश तीर्थ यात्रा आयोजित की जा रही है। यह यात्रा 20 जून 2026 को विशेष ट्रेन से प्रारंभ होगी। यात्रा में इंदौर जिले के साथ ही धार, बड़वानी और देवास जिले के वरिष्ठ नागरिक शामिल होंगे। योजना के तहत तीर्थयात्रियों का दल शनिवार, 20 जून 2026 को इंदौर से रवाना होगा तथा मंगलवार 23 जून 2026 को वापस लौटेगा। इस यात्रा के लिए 191 सीटें आरक्षित की गई हैं। यात्रियों के साथ 4 से 5 अनुरक्षक भी यात्रा में शामिल रहेंगे। यात्रा हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 जून 2026 निर्धारित की गई है।
आवेदन पत्र नगर निगम के झोनल कार्यालय, नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत कार्यालय इंदौर, सांवेर, महू और देपालपुर से नि:शुल्क प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी भरकर इन्हीं कार्यालयों में वापस जमा करना होगी। 16 जून 2026 को शाम 5:30 बजे के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा पात्र वरिष्ठ नागरिकों से निर्धारित समयावधि में आवेदन जमा करने की अपील की गई है।
योजना के अंतर्गत केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिक ही पात्र होंगे। आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होना आवश्यक है तथा वह आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त आवेदक पूर्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर चुका हो। योजना के नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को जीवनकाल में केवल एक बार ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
यात्रा के लिए चयनित व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए तथा किसी गंभीर संक्रामक रोग, हृदय संबंधी जटिल बीमारी, टीबी अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित नहीं होना चाहिए। यदि आवेदन में गलत जानकारी अथवा तथ्य छिपाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित किया जा सकेगा।
योजना में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे आवेदक जो अकेले यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार एक सहायक साथ ले जाने की पात्रता होगी। इसी प्रकार यदि पति या पत्नी में से किसी एक का चयन होता है तो जीवनसाथी भी यात्रा में साथ जा सकेगा, भले ही उसकी आयु 60 वर्ष से कम हो। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
दिव्यांगजन भी योजना के अंतर्गत पात्र होंगे। 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले आवेदक, यदि यात्रा करने में सक्षम हैं, तो वे भी एक अनुरक्षक के साथ यात्रा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। समूह में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध है। अधिकतम 25 व्यक्तियों का समूह एक इकाई के रूप में आवेदन कर सकेगा और चयन प्रक्रिया में उसे एक आवेदन माना जाएगा।
आवेदन पत्र दो प्रतियों में जमा करना होगा। इसके साथ तीन नवीनतम रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो तथा निवास संबंधी प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। निवास प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, समग्र आईडी अथवा राज्य शासन द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं सामान्य परिवारों के बुजुर्ग नागरिकों को सम्मानपूर्वक और निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने जीवन की धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।

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