इंदौर के महूनाका चौराहे पर शुक्रवार दोपहर भाजपा नेताओं और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई। भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया। घटना के बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
यातायात पुलिस ने विरोध बढ़ते देख एक्शन लेते हुए दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी को निलंबित कर दिया है। ट्रैफिक टीआई राधा यादव को कार्यालय में अटैच कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र शेडगे तरण पुष्कर का काम संभालते हैं और विधानसभा-4 के प्रभारी भी हैं। शुक्रवार दोपहर वह दोपहिया वाहन से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान महूनाका चौराहे पर टीआई राधा यादव, श्रद्धा और लक्ष्मी धुर्वे हेलमेट चेकिंग कर रही थीं।
बताया जा रहा है कि चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी अचानक वीरेंद्र शेडगे के सामने आ गया और हाथ देकर उनकी बाइक रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि जब बाइक नहीं रुकी तो पुलिसकर्मी ने चलती गाड़ी पर हाथ उठा दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का आरोप था कि वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चला रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और संबंधित महिला टीआई व पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
विरोध बढ़ा तो पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे
मामला बढ़ने पर ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच की। बताया जा रहा है कि जांच में वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता महिला टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़ गए।
विरोध बढ़ने पर कार्यकर्ताओं ने महूनाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने से इलाके में यातायात प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
