छह वर्षों से कागजों में चल रहे खजराना के 100 बिस्तरों वाले प्रस्तावित सिविल अस्पताल को अब जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इंदौर के खजराना में 100 बेड के सिविल अस्पताल की कवायद हुई तेज
6 साल बाद जागी सरकार, अस्पताल के लिए जमीन तलाशने का काम शुरू
स्वीकृत पदों पर तैनात 87 स्टाफ अन्य सरकारी अस्पतालों में दे रहे सेवाएं
इंदौर। छह वर्षों से कागजों में चल रहे खजराना के 100 बिस्तरों वाले प्रस्तावित सिविल अस्पताल को अब जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने खजराना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध सरकारी भूमि का प्रारंभिक आकलन शुरू किया है, ताकि अस्पताल के लिए स्थायी स्थान तय कर प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके।
हालांकि वर्ष 2020 में सिविल अस्पताल की घोषणा के बाद से अब तक जिले में दो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बदल चुके हैं और तीसरे आ गए हैं। हर बार अधिकारियों के बदलने के साथ फाइलों की समीक्षा तो हुई, लेकिन जमीन चयन की प्रक्रिया अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच सकी। सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने बताया कि अस्पताल के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। अस्पताल के लिए जमीन की तलाश भी की जा रही है, जल्द स्थान का चयन कर लिया जाएगा।
अभी अन्य अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं नियुक्त कर्मचारी
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में खजराना क्षेत्र के लिए सिविल अस्पताल की घोषणा के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन सहित 87 पद स्वीकृत कर दिए गए थे। इसके बावजूद अस्पताल के लिए जमीन तक तय नहीं हो सकी थी। भवन नहीं बनने के कारण इन पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को पीसी सेठी अस्पताल, हुकुमचंद अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने के लिए भेज दिया गया।
