दुग्ध संघ को समितियां और दूध संकलन बढ़ाने के निर्देश
किसानों की फार्मर आईडी बनाने में तेजी लाये, इसी सीजन में शत प्रतिशत करें
संभागायुक्त डॉ. खाड़े की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आज कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, मंडी बोर्ड, दुग्ध संघ व कृषि से जुड़े अन्य विभागों की संभागीय समीक्षा बैठक संभागायुक्त कार्यालय में सम्पन्न हुई। उन्होंने सम्भाग के झाबुआ और आलीराजपुर जिले में प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी और कृषि विभाग के अधिकारियों को तीन दिनी दौरा कर जिले की वर्तमान स्थिति पर आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि वहां किसान स्वतंत्र रूप से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे है, ऐसे समय में किसानों को विभागों से तकनीकि जानकारियों के साथ ही योजनाओं का सहयोग की अपेक्षा रहती है। इसलिए किसानों को विभाग से जोड़कर उनमें उन्नयन किया जा सकता है। साथ ही इन दो जिलों में उद्यानिकी को बढ़ावा देने के पर्याप्त आसार है। इन जिलों में उद्यानिकी का रकबा बढ़ाने के लिए विभाग योजना बनाएं। संभागायुक्त डॉ. खाड़े दुग्ध संघ की समीक्षा के दौरान कहा कि संभाग में दुग्ध समितियों के वृद्धि करते हुए किसानों से दूध संकलन में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। दुग्ध संघ सीईओ श्री विशाल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 मई माह में 2 लाख 71 हजार 774 लीटर और इस वर्ष मई माह में बढ़कर 2 लाख 89 हजार 501 लीटर दूध संकलन किया गया।
झाबुआ और आलीराजपुर में तकनीक की आवश्यकता
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्री डी. आर. जाटव से कहा कि तीन दिनों के विस्तृत भ्रमण में यह भी आंकलन करें कि यहाँ के किसानों को तकनीकी तौर पर कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है। यहॉं के किसानों द्वारा की जा रही खेती में विभाग को शेडनेट हाऊस, मलचिंग, ड्रिप एरिगेशन जैसी नवीन तकनीकों को पहुँचाने पर कार्य किया जाए। तीनों विभागों के संयुक्त संचालक पहले झाबुआ और आलीराजपुर जिले के उद्यानिकी को केन्द्रित करें और रकबों का आंकलन कर लें। उन्होंने कहा कि उक्त जिलों का दौरा करने के बाद संबंधित अधिकारी आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) श्रीमती शिवानी वर्मा, कृषि, सहकारिता, मंडी बोर्ड आदि विभागों के संयुक्त संचालक, सहायक संचालक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संभाग में अब तक हुई बारिश और बुआई की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि संयुक्त संचालक श्री जितेन्द्र कुमार सिंह को निर्देश दिए कि झाबुआ और आलीराजपुर में बुआई कम हुई है ऐसी स्थिति में विभाग किसानों को कम अवधि (शॉर्ट ड्यूरेशन) की फसल के बीजों की तैयारी रखें। किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी परीक्षण के लिए प्रेरित करें। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने एक जुलाई से प्रारंभ हुई मूंग खरीदी के संबंध में मार्फेड को निर्देश दिए है। गत वर्ष मूंग की खरीदी 26 हजार टन हुई थी, जबकि इस वर्ष 30 हजार टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में बताया गया कि इंदौर संभाग की 34 मंडियों में से 30 मंडियों में ई-मंडी प्रणाली के आधार पर कृषि उपज का विक्रय किया जा रहा है। ई-मंडी प्रणाली सभी मंडियों को उप-मंडियों में लागू की गई है, जिसमें कृषक के प्रवेश से लेकर उपज के अनुबंध और भुगतान एवं निकासी आदि शामिल है। सभी मंडियों एवं उप-मंडियों में 10 मैट्रिक टन के तौल कांटे स्थापित किये जा रहे हैं। साथ ही सभी मंडियों में क्लिनिंग, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग प्लांट भी स्थापित किए जा रहे है। सभी मंडियों की वित्त प्रणालियों को गत एक जुलाई 2026 से पूर्णत: ऑनलाईन किया गया है।
