प्रदेशवासियों को बिजली बिल की चिंता से राहत दिलाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PMSGMBY) का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत नागरिकों को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना के तहत मार्च 2027 से पहले रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलेगा। प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता इस योजना में नामांकन करा चुके हैं और सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली खर्च में कमी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता तक के रूफटॉप सोलर प्लांट पर उपभोक्ताओं को अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 5.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से ऋण सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना और अधिक आसान हो गया है। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने से उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। कई परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य तक पहुंच गए हैं। सोलर संयंत्रों की औसत आयु लगभग 25 वर्ष होती है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिलता है। योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है तथा केवल भारत सरकार के पंजीकृत सोलर वेंडरों के माध्यम से ही संयंत्र स्थापित किए जा सकते हैं।
योजना की जानकारी को आमजन तक सरल और प्रमाणिक रूप से पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट “सोलर चाचा” का शुभारंभ किया है। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से नागरिक योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, पंजीकृत विक्रेताओं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इच्छुक हितग्राही प्रचार सामग्री में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं अथवा 8815107640 नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से “Hello” संदेश भेजकर चैटबॉट सेवा का लाभ ले सकते हैं।
ऊर्जा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपनाते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें तथा आत्मनिर्भर और ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। योजना का उद्देश्य न केवल उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना है।
