धार जिले में विकसित किए जा रहे पी.एम. मित्र पार्क के अंतर्गत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कार्य संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ निरंतर प्रगति पर है। परियोजना से प्रभावित कुल 89 परिवारों में से अब तक 48 परिवारों को दो चरणों में 24-24 परिवारों के समूह के रूप में सफलतापूर्वक नवीन आवासीय कॉलोनी में स्थानांतरित किया जा चुका है, जबकि शेष 41 परिवारों का पुनर्वास आगामी 3 माह में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक पुर्नवास कार्यक्रम में श्रीमती सावित्री ठाकुर, माननीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भोपाल भी शामिल हो चुकी है।
सामान्यतः पुनर्वास एवं विस्थापन की प्रक्रियाएं लोगों में असंतोष एवं नाराजगी उत्पन्न करती हैं, किन्तु पीएम मित्र पार्क में किया जा रहा यह पुनर्वास एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है। जिन परिवारों का जीवन अब तक असंगठित एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित वातावरण में व्यतीत हो रहा था, उन्हें अब एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक आवासीय परिसर उपलब्ध कराया गया है।
लगभग 17.49 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत नवीन कॉलोनी में स्वच्छ पेयजल हेतु नल कनेक्शन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), पक्की सड़कें, सुरक्षित एवं कवर परिसर, सीसीटीवी व्यवस्था, प्राथमिक शिक्षा केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बच्चों एवं परिवारों के लिए प्लै ग्राउण्ड एवं पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे प्रभावित परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है तथा उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, पीएम मित्र पार्क में स्थापित होने वाले वस्त्र उद्यो गों के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पुनर्वासित परिवारों के युवाओं एवं महिलाओं को निकट भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सशक्त होगी।
एमपीआईडीसी द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्वास केवल स्थान परिवर्तन तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बने। पीएम मित्रा पार्क का यह मॉडल विकास एवं मानवीय संवेदनाओं के संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।
शंकर पिता चम्पू, मकान नंबर 38 सरकार द्वारा दिए गए नए मकानों से हमारे जीवन में अच्छा बदलाव आया है, पक्के मकान में रहने से हमारे परिवार को अच्छी जिन्दगी मिलेगी एवं सुविधाओं से घर की महिलाओं का काम कम होगा।
सुशीला पिता नन्दा मकान नंबर 1 नई कॉलोनी में हमको मकान देकर सरकार ने बहुत अच्छा कार्य किया है, बड़े शहरों जैसी सुविधाएँ सरकार ने हमको इस कॉलोनी में दी है। महिलाओं के लिए यह सुविधाएँ एक वरदान है।
