पीएम मातृ वंदना योजना की 35 हजार से अधिक महिलाओं को 3 माह में लाभ पहुंचाया

By Abhishek Raghuvanshi
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व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एमजीएम व्यवस्थित एप्रोच अपनाये – संभागायुक्त डॉ. खाड़े

संभागायुक्त ने विभागीय योजनाओं में स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, एमजीएम और महिला बाल विकास की समीक्षा की

संभागायुक्त डॉ.सुदाम खाड़े द्वारा आज स्वास्थ्य, आयुष, एमजीएम, नगरीय निकाय, पीएचई और महिला बाल विकास विभाग के त्रैमासिक कार्यों की समीक्षा की गई। संभागायुक्त डॉ.खाड़े ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जमीनी स्तर पर जो कार्य किए जा रहे है। उनकी सतत् निगरानी कर रिपोर्टिंग करने की हिदायत दी है। महिला बाल विकास द्वारा इस संबंध में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अप्रैल से जून तक वित्तीय लक्ष्य के अंतर्गत 35121 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया हैं। वित्तीय वर्ष में प्रदान किए गए लक्ष्य के विरुद्ध लगातार प्रगति की जा रही है। संभागायुक्त डॉ.खाड़े ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के माध्यम से अस्पतालों में दी जा रही व्यवस्थाओं और सुविधाओं के लिए व्यवस्थित एप्रोच अपनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि बेसिक आवश्यकताओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन प्राप्त शिकायतों को व्यवस्थित रूप से चिह्नित कर सुविधाएं उपलब्ध कराए। इसमें सम्बंधित विभाग, डॉक्टर्स या अन्य व्यवस्थाओं को वर्गीकृत किया जायें। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) श्रीमती शिवानी वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ. शॉजी जोसेफ, संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गडरिया, डॉ. स्मिता तिवारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त संचालक श्री अशोक गोदिया, नगरीय विकास विभाग के अधिकारी श्री एस.के. सिन्हा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र और आंगनवाड़ियों में पेयजल की व्यवस्थओं का प्रमाणीकरण किया जाएगा
संभागायुक्त डॉ. खाड़े लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए महिला बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को उनकी संस्थाओं में जल जीवन मिशन के अंतर्गत उपलब्ध कराये गए पेयजल का प्रमाणीकरण करने के निर्देश दिए गए है। जल जीवन मिशन अंतर्गत संभाग में 3913 योजनाएं पूर्ण की गई है, जबकि 248 योजनाएं प्रगतिरत है। विभाग द्वारा अब तक 3680 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओव्हर की जा चूकी है। विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि 27 पंचायतों द्वारा योजनाएं संचालित नहीं की जा रही है, इस संबंध में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संबंधित जिला पंचायत सीईओ को पत्र के माध्यम से वस्तुस्थिति मांगी गई है।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है। संभाग में 57 केन्द्रों पर सभी 720 बेड पर कुपोषित बच्चों की भर्ती कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में बेड खाली नहीं रहे, यह सुनिश्चित करने का कार्य महिला बाल विकास के साथ ही स्वास्थ्य विभाग का दायित्व भी है। पोषण पुनर्वास केंद्रो की समीक्षा के दौरान इंदौर में संभाग में 109.2 प्रतिशत उपलब्धी हासिल की गई। बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र और स्वीकृत नवीन भवनों की समीक्षा की गई।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत महिला स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के सहयोग से सभी शासकीय विद्यालयों में बच्चों को प्रति मंगलवार/बुधवार को पिंक और ब्ल्यू आईएफए टेबलेट का वितरण अनिवार्य रूप से वितरित करें। साथ ही बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए सिरप का वितरण करना सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा स्कूल न जाने वाली किशोरियों के लिए ब्लू आईएफए और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को रेड आईएफए टेबलेट दी जाए। बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 जुलाई से 31 अगस्त दस्तक सह स्टाफ डायरिया अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष वाले बच्चों को दो ओआरएस के पैकेट, 14 जिंक टेबलेट प्रदान की जाएगी। 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए सिरप प्रदान किया जाएगा। अभियान के तहत गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान की जाएगी। समीक्षा के दौरान उन्होंने संभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिलों का भ्रमण सतत रूप से करें। साथ ही भ्रमण के दौरान सम्बन्धित कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से अनिवार्य रूप से मुलाकात कर विभागीय कार्यों के संबंध में चर्चा करें।

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