आवश्यकता यह है कि हम स्वयं को जागरूक करें और खुले में कचरा फेंकने की आदत को सुधारें। हम न सिर्फ स्वयं को सुधारने बल्कि अन्य लोगों को भी सुधारें।
इंदौर में कुछ क्षेत्र हैं जहां स्वच्छता को लेकर लापरवाही जारी है
खुले में कचरा फेंकने की गंदी आदत सुधारने के लिए हमारे पास सिर्फ एक पखवाड़ा है
हमने इस आदत को नहीं बदला तो इसका सीधा असर हमारी रेंकिंग पर पड़ेगा
इंदौर। 12500 अंक के लिए होने वाले इस सर्वे में एक हजार अंक सिर्फ इसके लिए हैं कि शहर में नागरिक खुले में कचरा नहीं फेंकते हैं। इंदौर के नागरिक पिछले आठ सर्वे में लगातार इस मामले में शत प्रतिशत अंक हासिल करते रहे हैं, लेकिन इस बार हालात कुछ बदले नजर आ रहे हैं।
तमाम प्रयासों के बावजूद शहर में अब जगह-जगह कचरा नजर आने लगा है। ऐसा नहीं कि जनता जागरूक नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्र हैं जहां स्वच्छता को लेकर लापरवाही जारी है। स्वच्छ सर्वेक्षण टीम मई के अंत तक इंदौर पहुंच जाएगी। मतलब साफ है कि खुले में कचरा फेंकने की गंदी आदत सुधारने के लिए हमारे पास सिर्फ एक पखवाड़ा है। अगर अब भी हमने इस आदत को नहीं बदला तो एक हजार अंक कट जाएंगे और इसका सीधा असर हमारी रेंकिंग पर पड़ेगा।
निगम की सख्ती से ज्यादा जरूरी है नागरिकों की जागरूकता
निगम की टीम खुले में कचरा फेंकने वालों पर सतत कार्रवाई करती है। पिछले एक माह के आंकड़ों की बात करें तो पांच सौ से ज्यादा चालान बने हैं और एक लाख से ज्यादा की राशि वसूली गई है, लेकिन यह काफी नहीं है। नगर निगम की सख्ती से ज्यादा जरूरी नागरिकों की जागरूकता है। आवश्यकता इस बात की है कि हम इंदौर के नागरिक स्वयं को जागरूक करें और खुले में कचरा फेंकने की आदत को सुधारें। हम न सिर्फ स्वयं को सुधारने बल्कि आसपास के लोगों को भी इस आदत को सुधारने के लिए प्रेरित करें।
सड़क ही नहीं नदी-नाले में भी न डालें कचरा
हमें सिर्फ सड़क पर कचरा फेंकने से ही नहीं बचना है बल्कि नदी-नालों में भी कचरा नहीं फेंकना है। वजह है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में खुले में कचरा फेंकने पर एक हजार अंक काटने की जो बात है वह सड़क के साथ-साथ नदी-नालों पर भी लागू होती है। यही वजह है कि नदी-नालों पर बने पुल-पुलिया को जाली लगाकर निगम द्वारा कवर किया जाता है।
खुले में कचरा फेंकने से बचें, स्वच्छता में सहयोग करें
सर्वेक्षण टीम मई के अंत तक इंदौर पहुंचने की संभावना है। नागरिकों को चाहिए कि वे अपने शहर को स्वच्छ साफ-सुधरा बनाए रखने में सहयोग करें। खुले में कचरा फेंकने की आदत में सुधार करें। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
