भागीरथपुरा पुलिस चौकी पर में हिरासत में हुई मौत में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिसकर्मियों ने रामजी झा के साथ मारपीट की थी। परिवार पर दबाव बनाने के लिए उसको घर भी ले गए थे।
इंदौर। भागीरथपुरा पुलिस चौकी पर में हिरासत में हुई मौत में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिसकर्मियों ने रामजी झा के साथ मारपीट की थी। परिवार पर दबाव बनाने के लिए उसको घर भी ले गए थे। इसी वजह से रामजी तनाव में आ गया और चौकी में रखा एसिड गटक गया। अफसरों ने चौकी प्रभारी संजय धुर्वे को हटा दिया पर टीआइ सियारामसिंह गुर्जर पर कार्रवाई नहीं की। उन पर भी गड़बड़ी करने का शक है। शीतल नगर (कुशवाह नगर) निवासी 45 वर्षीय रामजी रमेशचंद्र झा ने रविवार शाम एसिड पीकर आत्महत्या कर ली थी।
सिपाही पर मारपीट और स्वजन को धमकाने का आरोप
रामजी के स्वजन का आरोप है कि सिपाही योगेंद्र कोरव बाइक चुराने का आरोप लगाकर रामजी के साथ मारपीट कर रहा था। उसके हाथ में चोट लगी थी। योगेंद्र दोपहर को ही रामजी को उसके घर ले गया और स्वजन की मौजूदगी में धमकाया। उनसे आधार कार्ड मांगा और कहा कि रामजी को जेल भेजेंगे। इससे आहत होकर रामजी ने एसिड पी लिया। स्वजन के अनुसार एसआइ (चौकी प्रभारी) संजय धुर्वे और सिपाही योगेंद्र को ही हटाया है।
टीआइ की भूमिका पर सवाल और ज्यूडिशियल जांच के आदेश
बाणगंगा टीआइ भी इसमें जिम्मेदार हैं और वे जांच प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश हो चुके हैं। परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में पुलिस हिरासत में इस तरह की घटना न हो।
