मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में गुरुवार को हुए क्रूज हादसे की हृदयविदारक घटना ने प्रदेश समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बरगी डैम में क्रूज पलटने से कई टूरिस्ट पानी में समा गए। दिल दहला देने वाले इस हादसे में ममता का ऐसा मंजर भी सामने आया कि जिसे देखने वाला खुद को रोक नहीं पाया, और तड़पकर रह गया। आंखों में रोके आंसू भी छलक कर टपक पड़े। ये मंजर एक हूक सी उठा देने वाला है, काश कोई हादसा न होता, कोई बे मौत न मरता, कोई मां यूं तड़पती न मरती जैसे इस तस्वीर में नजर आ रही है। जिनके शवों को कफन में लपेटकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाती रेस्क्यू टीम भी रो पड़ी थी और आसपास खड़े लोग भी।
दिल दहलाने वाली तस्वीर
क्रूज हादसे में शवों का मिलना जारी है। कई अब भी लापता है। इन शवों की तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। लेकिन ये एक तस्वीर दिल को मसोस कर रख रही है, कि मां की ममता कैसे मरते दम तक नहीं छूटती। ये तस्वीर इस भयावह हादसे का मंजर सोचने को मजबूर कर रही है कि कैसे आखिरी सांस तक इस मां ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की होगी। इस मां का दिल कितना तड़प रहा होगा, जब पानी में डूबते वो खुद के साथ उसे भी तिल-तिल मरते देख रही होगी। उसे हर बार लगा होगा काश मेरी बच्ची बच पाए।
यकीनन बच्चे की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में ही उसने उसे सीने से लगाकर कसकर पकड़ रखा होगा… इस उम्मीद में कि उसे बचाया गया तो वो भी बच जाएगा। लेकिन क्या पता था कि इस मनहूस हादसे में एक मां की अपने बच्चे को बचाने की जद्दोजहद क्रूज हादसे में ममता का उदाहरण पेश करती हृदयविदारक तस्वीर बन जाएगी।
रेस्क्यू टीम को जब मां और उसके सीने से लिपटा मिला मासूम का शव रेस्क्यू टीम को जब मां और उसके सीने से लिपटा मासूम बच्चे का शव मिले तो रेस्क्यू टीम के साथ ही वहां उपस्थित अन्य लोगों के दिल भी पसीज गए, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। दर्दनाक हादसे की गला रुंधाती तस्वीर ने माहौल को ऐसा गमगीन कर दिया कि इसकी पीड़ा प्रदेश और देश महसूस कर रहा है।
मां का नाम मरिना मैसी और बेटा त्रिशान मृतक महिला की पहचान मरिना मैसी के रूप में हुई है, जबकि उनके चार साल के मासूम बेटे का नाम त्रिशान बताया जा रहा है। बताया जाता है कि हादसे के वक्त जब क्रूज में अफरा-तफरी मची और लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस भयावह माहौल में भी एक मां का दिल सिर्फ अपने बच्चे के लिए धड़क रहा था।
दरअसल, जबलपुर के बरगी डैम में हर दिन की तरह गुरुवार की शाम टूरिस्ट से भरा क्रूज पानी की लहरों पर था। टूरिस्ट खूबसूरत लहरों और नजारों का मजा ले रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये एक मनहूस घड़ी उनकी खुशियों को छीनने आ रही है। कुदरत की मार भी ऐसी कि अचानक मौसम बदला और तेज हवा तूफान बनकर क्रूज पर टूट पड़ती हैं। पानी को इतना ऊंचा उछालकर फेंकने लगती हैं, जैसे इन्हीं की जान लेने आई हों। क्रूज डगमगाने लगा और देखते ही देखते पानी में डूबने लगा। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। और संभल पाते कि सभी डूब एक-एक कर डूबने लगे और पानी में समा गए।
जबलपुर का एक परिवार भी क्रूज पर था सवार
जानकारी के मुताबिक जबलपुर के कोतवाली से एक सोनी परिवार भी क्रूज पर सवार था। इनमें विक्की सोनी, राखी सोनी, अन्नू सोनी, आराध्य सोनी, समृद्धि सोनी और विराज सोनी का सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। लेकिन परिवार की एक महिला सदस्य नीतू सोनी का शव बरामद हुआ है। जबकि एक छोटा बच्चा लापता है। कोलकाता से स्पेशल टीम के साथ एमपी की रेस्क्यू टीम लापता लोगों की तलाश और बचाव कार्य जारी है। जल्द ही क्रूज को बाहर निकाला जाएगा। मामले में जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि हादसे का कारण सामने आ सके।
