उत्तर प्रदेश के जिला ललितपुर में 78 वर्षीय रिटायर शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने जहर खाकर जान दे दी।

By Abhishek Raghuvanshi
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जज को लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने मौत का जिम्मेदार पूर्व IPS ऑफिसर एलवी एंटोनी देवकुमार सहित 7 लोगों को बताया है।

दरअसल, वर्ष 2002 में राजाराम गोस्वामी के खिलाफ SC/ST एक्ट का केस दर्ज हुआ था। यह केस अभी कोर्ट में चल रहा है। 16 जुलाई को इस केस की सुनवाई होनी थी। राजाराम इस केस को लेकर टेंशन में रहते थे।

सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा– “मुझे गंदा पानी पिलाया गया। पीने से मना किया तो बीच सड़क पर कपड़े उतारे गए। लाठियों से पीटा गया और मुझे ही जेल भेज दिया गया”

“24 वर्षों से इस दंश को झेल रहा हूं। मानसिक रूप से इतना टूट चुका हूं कि अब जीना नहीं चाहता। एलवी एंटोनी देवकुमार क्रूर, अत्याचारी अधिकारी रहा है। SP एंटोनी ने खुद थाने में बैठकर SC/ST का झूठा मुकदमा दर्ज कराया”

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एलवी एंटोनी देवकुमार उन दिनों ललितपुर जिले के SP थे, कुछ दिनों पहले ही DG पद से रिटायर हुए हैं।

जज साहब.. ललितपुर में तैनात एसपी एलबी एंटोनी देव कुमार क्रूर, अत्याचारी अधिकारी रहा है.. दिन के 2 बजे मुझे स्कूल से बुलवाया.. मेरी जाति पूछी और बोला कि तू छुआछूत मानता है.. एसपी एंटनी ने कहा, तू बसोर का पानी पिएगा!! मैंने कहा, सफाई से पानी मिलेगा तो पी लेंगे.. फिर एक गंदे से गिलास में मिट्टी या गोबर घुला पानी पीने को दिया.. मना करने पर बीच सड़क पर मेरे सारे कपड़े उतारे गए.. मुझे लाठियां मारीं.. मेरे साथ कई लोगों के कपड़े उतरवाए और उन्हें भी पीटा.. फिर सभी को जेल भेज दिया..
एसपी एंटनी ने निर्दोष लोगों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया था.. मैं अपने इस अपमान से बेहद दुखी और व्यथित हूं.. अब मैं जीना नहीं चाहता..”

ये सुसाइड लेटर है राजाराम गोस्वामी का.. ललितपुर बार थाना क्षेत्र चिकलौआ गांव निवासी राजाराम गोस्वामी शिक्षक पद से रिटायर हुए थे..
कल दोपहर उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पी लिया..
मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में राजाराम गोस्वामी ने पूर्व आईपीएस एलवी एंटोनी देव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं..
एंटोनी देव कुमार हाल ही में डीजी पद से रिटायर हुए हैं..
उन पर वर्ष 2002 में शिक्षक को स्कूल से बुलाकर नग्न कर पीटने और थाने में पानी भरे गिलास में गोबर डालकर पिलाने का गंभीर आरोप लगा है.. हरिजन एक्ट में फर्जी केस दर्ज करने का भी आरोप है.. ये मामला 24 साल से कोर्ट में विचाराधीन था..
फैसला आने से पहले रिटायर्ड शिक्षक ने सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी

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