इंदौर सोना लूटकांड: पांच पुलिसकर्मियों के साथ रिटायर सीएसपी भी जांच में फंसे, नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब

By Abhishek Raghuvanshi
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22.50 तोला सोना लूटने के आरोप में निलंबित पांच पुलिसकर्मियों के साथ रिटायर सीएसपी राकेश गुप्ता भी जांच में फंस गए हैं। विजयनगर एसीपी पराग सैनी ने गुप्ता को नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है।
इंदौर। 22.50 तोला सोना लूटने के आरोप में निलंबित पांच पुलिसकर्मियों के साथ रिटायर सीएसपी राकेश गुप्ता भी जांच में फंस गए हैं। विजयनगर एसीपी पराग सैनी ने गुप्ता को नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है। उधर शिकायतकर्ता गौरव पर गुप्ता ने कॉल पर अनर्गल बात करने का आरोप लगाया है। हरिदर्शन अपार्टमेंट निवासी गौरव जैन और उसकी पत्नी विजेता जैन ने लसूड़िया थाने के एसआइ संजय विश्नोई सहित सिपाही प्रणित भदौरिया, दिनेश गुर्जर, रविंद्र कुशवाह और दीपेंद्र मिश्रा पर आरोप लगाया था।
प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा भी शामिल
जोन-2 के डीसीपी कुमार प्रतीक ने सभी को निलंबित कर दिया। जांच में लसूड़िया थाने का प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा भी शामिल हो गया है। राकेश ही गौरव को गिरफ्तार कर ग्वालियर कोर्ट ले गया था। वकील और सुविधा के नाम पर गौरव से उसने 27 हजार रुपये जमा करवा लिए। इसमें 10 हजार रुपये थाने के सामने रहने वाले एक दुकानदार के ई-वॉलेट में जमा हुए हैं। एसीपी ने राकेश से भी पूछताछ कर ली है।
वारंट जारी करवाने की प्रक्रिया पर सवाल
एसीपी के अनुसार केस की तह तक जाने के लिए रिटायर सीएसपी राकेश गुप्ता से भी पूछताछ की जाएगी। गुप्ता ने ग्वालियर कोर्ट से वारंट जारी करवा कर आयुक्त कार्यालय भिजवाया था। पुलिस केस लगाने और वारंट जारी करवाने की प्रक्रिया समझना चाहती है। उधर गौरव का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद उसने गुप्ता को कॉल लगा दिया। उसने फोन पर आत्महत्या की धमकी और अनर्गल बातें की।
गौरव को बताया आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति
गुप्ता का आरोप है कि गौरव आपराधिक प्रवृत्ति का आदमी है। वह झूठी शिकायतें कर लोगों को ब्लैकमेल करता है। महिला जज के पति भी उससे प्रताड़ित हो चुके हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारंट निकलवाने के पीछे क्या मंशा थी और क्या इसमें किसी तरह की अनियमितता बरती गई है।

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