इंदौर में PWD के दो अधिकारी 90 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए पकड़ाए, 17 लाख के बिल भुगतान के एवज में मांगा था पैसा

By Abhishek Raghuvanshi
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आवेदक राघवेंद्र सिंह ने ग्वालियर का मूल निवासी है और ओम एंटरप्राइज में लायजनिंग मैनेजर का कार्य करता है। आवेदक की फर्म ने राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रीक का कार्य 20 लाख रूपये में में सितम्बर 2025 में लिया था।
शिकायत पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को की गई।
शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैपदल का गठन किया गया।
दोनों आरोपितों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया।
,इंदौर। मध्य प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा रिश्वत लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इंदौर लोकायुक्त ने सोमवार को प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग बालकुमार जैन निवासी बिचौली मर्दाना और प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र कुमार नीमा निवासी गोकुल नगर को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। आवेदक राघवेंद्र सिंह ने ग्वालियर का मूल निवासी है और ओम एंटरप्राइज में लायजनिंग मैनेजर का कार्य करता है। आवेदक की फर्म ने राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रीक का कार्य 20 लाख रूपये में में सितम्बर 2025 में लिया था।
फर्म द्वारा उक्त कार्य एक माह में पूर्ण कर दिया था। कार्य का जीएसटी सहित 17 लाख रूपये का भुगतान होना था। जिसके लिये आरोपित बालकुमार ने चार प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रूपये और धीरेन्द्र कुमार नीमा ने दो प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रूपये की रिश्वत की मांग की थी।
आवेदक द्वारा शिकायत पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को की गई, सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैपदल का गठन किया गया। दोनों आरोपितों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया।

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