आरोपी विनीत और राधिका ने कई बच्चों की रैकी की थी, लेकिन सफल न होने पर ग्रेटर तिरुपति गार्डन से दो बच्चों को किडनैप किया।
गैंग में सदस्य कम होने से ज्वेलरी शॉप लूटने की बजाय अपहरण चुना
कुत्ता घुमाने के बहाने की रैकी, बच्चों के साथ खेलकर भरोसा जीता
सीसीटीवी, कॉल डिटेल और टावर लोकेशन को सबूत बनाया जाएगा
इंदौर। गीतानगर से सम्राट और नैतिक का अपहरण करने वाले आरोपियों का टारगेट धनाढ्य परिवार के बच्चे भी थे। आरोपी विनीत प्रजापति और उसकी बहन राधिका ने उनकी रैकी भी कर ली थी। सफलता न मिलने पर ग्रेटर तिरुपति से दोनों बच्चों का अपहरण करना पड़ा। पलासिया पुलिस आरोपी राधिका प्रजापति, उसके भाई विनीत प्रजापति सहित ललित सेन और उसकी पत्नी तनीषा से पूछताछ कर रही है। सोमवार को चारों आरोपियों को कोर्ट पेश किया जाएगा। रविवार को पुलिस ने आरोपी राधिका के मोबाइल की रिकॉर्डिंग पुन: सुनी तो पता चला आरोपितों को रुपयों की तत्काल जरूरत थी और वह कुछ भी कर सकते थे।
आरोपियों ने ज्वेलरी शॉप लूटने की साजिश की पर गैंग में सदस्य न होने के कारण अपहरण करना उचित समझा। गीतानगर में आने से पहले अन्य जगह पर बच्चों को ले जाने की तैयारी थी। विनीत समय पर नहीं पहुंचा और बच्चा चला गया।
इसके बाद आरोपी कुत्ता घुमाने के बहाने तिरुपति गार्डन में आए और बच्चों को खेलता हुआ देख लिया। आरोपित कुछ देर बच्चों के साथ खेले और सेंट पाल स्कूल के समीप जाकर बैठ गए। उसी दिन तय कर लिया कि इसी गार्डन से बच्चों को उठा कर ले जाना है।
आवाज-फुटेज और लोकेशन को सबूत बनाएगी पुलिस
पुलिस इस केस में तकनीकी साक्ष्यों को चालान के साथ पेश करेगी। सबसे अहम सबूत आरोपितों के सीसीटीवी फुटेज, फिरौती के लिए कॉल, चैटिंग, टावर लोकेशन और मोबाइल फोन में मिली उनकी आवाज है। एसीपी तुषार सिंह के अनुसार आरोपितों की मौजूदगी और बच्चों को बहला-फुसला कर ले जाने की पुष्टि डिजिटल साक्ष्य से हो चुकी है। चारों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे, इसकी भी कॉल डिटेल से पुष्टि हो चुकी है।
