इंदौर में गर्मी बढ़ते ही जल संकट गहरा गया है। सुदामा नगर, द्वारकापुरी, बांगड़दा, पालदा समेत कई क्षेत्रों में बोरिंग सूख गए हैं।
बोरिंग ने छोड़ा साथ, पानी का टैंकर ही सहारा
जहां नर्मदा लाइन नहीं वहां संकट ज्यादा
निजी टैंकर 1000 रुपये से ज्यादा मांग रहे
इंदौर। गर्मी के तेवर बढ़ते ही शहर में बोरिंग साथ छोड़ने लगे हैं। सुदामा नगर, द्वारकापुरी, बांगड़दा, पालदा सहित कई क्षेत्र हैं, जहां बोरिंग पूरी तरह से सूख चुके हैं। लोग टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। नगर निगम का दावा है कि 400 से ज्यादा सड़क पर दौड़ रहे हैं। वहीं निजी टैंकरों की संख्या भी इतनी ही बताई जा रही है, बावजूद इसके जल संकट से राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
हालत कितनी गंभीर है, यह इसी से समझा जा सकता है कि पानी चोरी होने की आशंका में लोग टंकियों पर ताले लगाकर रखने लगे हैं। अहिरखेड़ी, निपानिया, पालदा सहित कई क्षेत्र हैं जहां चार से पांच दिन में एक बार पानी मिल रहा है। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र के बोरिंग पूरी तरह से सूख चुके हैं। एक अनुमान के मुताबिक शहर की 125 से ज्यादा बस्तियां और कालोनियां हैं, जहां रहवासी पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
निजी टैंकरों के रेट बढ़े
पानी की किल्लत के बीच निजी टैंकरों के दाम दोगुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। पहले जो टैंकर 400-500 रुपये में आ रहा था अब उसके एक हजार रुपये से ज्यादा मांगे जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि पैसा देने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। नगर निगम के टैंकरों की हालत यह है कि पार्षद तो दूर एमआइसी सदस्यों के फोन लगाने के बावजूद मोहल्लों में नहीं पहुंच रहे हैं।
जहां नर्मदा लाइन नहीं, वहां ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी उन क्षेत्रों में है, जहां नर्मदा लाइन अब तक नहीं पहुंची है। इन क्षेत्रों में बोरिंग सूखते ही निर्भरता पूरी तरह से टैंकरों पर आ जाती है। महावीर नगर, लोकनायक नगर, पंचमुखी नगर, लक्ष्मीपुरी, आदर्श मौलिक नगर, ईश्वर नगर, शालीमार बंगले, रायल बंगले, अंबिकापुरी, कृष्णबाग कालोनी, डाक्टर कालोनी, जीत नगर, हिम्मत नगर, प्रजापत नगर सहित शहर की 125 से ज्यादा कालोनियां और बस्तियां हैं जहां नर्मदा लाइन नहीं है।
निगम के हाइड्रेंट से भरा रहा था निजी टैंकर में पानी, पकड़ा गया
गंभीर जल संकट के बीच निगम के हाईड्रेंट से निजी टैंकर में पानी भरने का मामला सामने आया है। महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा मामा ने बताया कि सूचना मिली थी कि नगर निगम के आजाद नगर स्थित हाइड्रेंट पर एक निजी टैंकर अवैध रूप से पानी भर रहा है।
वे मौके पर पहुंचे और चालक से पूछताछ की, लेकिन चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके पास निगम से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लागबुक भी नहीं थी जो कि अनुबंधित टैंकर चालकों के पास होना अनिवार्य है। जानकारी तुरंत महापौर और निगम के अधिकारियों को दे दी गई।
