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इंदौर पुलिस की बड़ी सफलता स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट का खुलासा

03 आरोपी गिरफ्तार 22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई कार एवं अन्य सामग्री जप्त मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट […]

Abhishek Raghuvanshi 3 months ago · 1 min read

03 आरोपी गिरफ्तार

22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई कार एवं अन्य सामग्री जप्त

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से 22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई एक आई-20 कार तथा घटना में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की है।
फरियादी मुकुल अग्रवाल, निवासी रामचंद्र नगर एक्सटेंशन, इंदौर द्वारा थाना पंढरीनाथ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 11 जून को वह अपने स्क्रैप व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि एकत्रित कर लगभग 29 लाख 65 हजार रुपए नगद लेकर दोपहिया वाहन से जा रहा था। इसी दौरान रात्रि में जायसवाल धर्मशाला के समीप दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोककर मारपीट की तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटना स्थल एवं संभावित मार्गों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सतत पुलिसिंग के आधार पर एक संदिग्ध एक्टिवा वाहन की पहचान की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके बाद इंदौर सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।
अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया था। आरोपियों द्वारा फरियादी की पूर्व से रेकी की जा रही थी तथा भुगतान संग्रहण के प्रथम स्थान से ही उसका पीछा किया जा रहा था। उपयुक्त अवसर मिलते ही उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में हुए आर्थिक नुकसान एवं बढ़ते कर्ज के कारण उसने लूट की योजना बनाई थी। उसने अपने दो साथियों को फरियादी की गतिविधियों पर नजर रखने तथा रेकी करने का जिम्मा सौंपा था।
पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस द्वारा शेष लूटी गई राशि की बरामदगी तथा प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले में विस्तृत विवेचना जारी है।
मध्यप्रदेशपुलिस संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगा।

Abhishek Raghuvanshi
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