इंदौर जल सुनवाई… 85 वार्डों में फूटा जनता का गुस्सा, बोतलों में गंदा पानी लेकर पहुंचे प्यासे लोग

By Abhishek Raghuvanshi
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भागीरथपुरा कांड (Indore Bhagirathpura Water Crisis) के बाद मंगलवार को हुई जल सुनवाई में शहरवासियों की बेबसी और गुस्सा, दोनों खुलकर सामने आ गया। निगम के सभी 85 वार्डों की पानी टंकियों पर हुए आयोजन में पहुंचे 80 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने दूषित पानी की शिकायत दर्ज कराई।
इंदौर। भागीरथपुरा कांड (Indore Bhagirathpura Water Crisis) के बाद मंगलवार को हुई जल सुनवाई में शहरवासियों की बेबसी और गुस्सा, दोनों खुलकर सामने आ गया। निगम के सभी 85 वार्डों की पानी टंकियों पर हुए आयोजन में पहुंचे 80 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने दूषित पानी की शिकायत दर्ज कराई। कहीं नर्मदा लाइन से मटमैला पानी आ रहा है, तो कहीं बोरिंग से बदबूदार और गंदा पानी आने की बात कही गई। लोग बोतल में बोरिंग और नर्मदा लाइन से आ रहा गंदा पानी लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे।
हर मंगलवार होगी जल सुनवाई
उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी मजबूरी रखी- कैसे मजबूरन वही पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। अधिकारियों ने हर शिकायत ध्यान से सुनी और समाधान का भरोसा दिलाया। जल सुनवाई अब आगे से हर मंगलवार होगी। उम्मीद की जा सकती है कि जल सुनवाई सिर्फ औपचारिकता नहीं रहेगी, बल्कि इससे उन्हें शुद्ध पेयजल का स्थायी समाधान मिलेगा। नईदुनिया की टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में मैदान में उतर लोगों की शिकायत को सुना।
जिंसी टंकी पर बोरिंग का पानी हुआ क्लोरोनाइजेशन
फोन पर शिकायत मिली, कर्मचारी खुद मौके से लेकर आए दूषित पानी। जिंसी टंकी पर टेलीफोन पर एक शिकायत मिली। शिकायतकर्ता बाबू चायवाला का कहना था कि खजूरी बाजार क्षेत्र में बोरिंग से दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है। नगर निगम के कर्मचारी संदीप यादव मौके पर पहुंचे और बोरिंग का दूषित पानी टंकी पर लेकर आए। शिकायत का समाधान करते हुए करीब दो घंटे तक पानी बहाने के बाद बोरिंग का क्लोरोनाइजेशन किया गया। जिंसी क्षेत्र से एक शिकायतकर्ता बोतल में पानी भरकर पहुंचे। उनका कहना था यह पानी नर्मदा लाइन का है। जिस दिन सप्लाई होता है उस दिन 10 से 15 मिनट नल का पानी फेंकना पड़ता है। इसके बाद साफ पानी आता है। लंबे समय से यह शिकायत है।
दशकों पुरानी पाइपलाइनों ने बढ़ाई शहर की मुसीबत
सालों से आ रहा है गंदा पानी। राजमोहल्ला निवासी नरेश पालीवाल बेटे के साथ गंदा पानी लेकर राजमोहल्ला टंकी पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को बताया कि सालों से नल में गंदा पानी आ रहा है। हमारे घर में आरओ लगा है, पीने के पानी की समस्या नहीं है, लेकिन आप बताओ इस पानी से कोई कैसे नहा सकता है। कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कर जांच की बात कही। कर्मचारियों ने बताया कि पश्चिमी क्षेत्र में दशकों पुरानी लाइनें हैं। समय के साथ इन लाइनों के पाइप खराब हो गए हैं। यही वजह है कि इन पाइपों से आसपास का गंदा पानी नलों तक पहुंच जाता है। जहां-जहां से शिकायत मिल रही है वहां-वहां लाइन बदलने का काम किया जा रहा है।
जल सुनवाई: ऐसे होगा शिकायतों का समाधान
सभी आवेदनों एवं शिकायतों को संकलित कर संबंधित अपर आयुक्त, कार्यपालन यंत्री (जलप्रदाय) को अवगत कराया गया।
जोन स्तर पर निराकरण योग्य प्रकरणों को संबंधित जोन पर भेजा गया।
जिन प्रकरणों का समाधान मुख्यालय स्तर से होना है, उन्हें तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजा गया।
नई लाइन डालने और लीकेज सुधार की शिकायतें
वार्ड क्रमांक-27 बजरंग नगर में मंगलवार को जल सुनवाई का आयोजन किया गया। बजरंग नगर स्थित पानी की टंकी पर सुबह 11 बजे से एक बजे तक आयोजित सुनवाई में पहले दिन 10 शिकायते दर्ज की गई। सुनवाई के लिए मौजूद उपयंत्री जेपी सिंह का कहना था कि जो शिकायतें प्राप्त हुई है, उसमें नई लाइन डालने और पानी के लीकेज से संबंधित शिकायतें है। कुछ शिकायतों में आवेदन दिया गया, तो कुछ मौखिक दर्ज कराई गई। सुनवाई के दौरान आने वाली सभी शिकायतों को एक रजिस्टर्ड में दर्ज किया गया है।

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