इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह का ‘डिमोशन’… वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी, हवलदार से दोबारा बनाए गए सिपाही

By Abhishek Raghuvanshi
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ट्रैफिक सिग्नल पर डांस कर अनूठे अंदाज में यातायात व्यवस्था संभालने वाले हवलदार रंजीत सिंह को वर्दी में रील बनाना भारी पड़ गया। इंदौर डीसीपी ने उन्हें हवलदार (कार्यवाहक) से पुनः सिपाही बना दिया है। चलिए आपको पूरी खबर बताते हैं।
इंदौर। ट्रैफिक सिग्नल पर डांस कर अनूठे अंदाज में यातायात व्यवस्था संभालने वाले हवलदार रंजीत सिंह को वर्दी में रील बनाना भारी पड़ गया। इंदौर डीसीपी ने उन्हें हवलदार (कार्यवाहक) से पुनः सिपाही बना दिया है। युवती को मैसेज करने के आरोप में रंजीत सिंह को पहले ही ट्रैफिक थाना से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आरके सिंह के अनुसार, रंजीत सिंह को तीन मार्च 2021 को पदोन्नत कर कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाया गया था, लेकिन अब उनका कार्यवाहक प्रभार निरस्त कर उन्हें दोबारा आरक्षक बना दिया गया है।
पिछले कुछ महीनों से विवादों
रंजीत सिंह पिछले कुछ महीनों से विवादों में चल रहे थे। एक युवती ने फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। युवती ने स्क्रीनशॉट साझा कर कहा था कि रंजीत उसे इंदौर बुला रहा है और ठहरने की व्यवस्था करने के लिए भी लिखा है।
इस मामले के सामने आने के बाद रंजीत को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया था। पुलिस लाइन में पदस्थ होने के बावजूद रंजीत ने वर्दी में रील बनाई और उसे इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित कर दिया।
हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर रील बनाई थी
रंजीत ने हाल ही में एक रील हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर भी बनाई थी। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने दोनों प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी (मुख्यालय) प्रकाश परिहार से जांच करवाई। इसके बाद बुधवार को डीसीपी ने आदेश जारी कर रंजीत को पुनः आरक्षक बना दिया।

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