ईंधन के संकट के दौर में आम घरों से लेकर रे्स्त्रां तक इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं, उस दौर में भी सराफा चौपाटी में घरेलू गैस सिलिंडर का खुलेआम उपयोग हो रहा है।
इंडक्शन के उपयोग और देसी व्यंजन के नगर निगम के दावे हुए हवा
नगर निगम सराफा में नियमों की अनदेखी पर चुप बैठ गया है
खाद्य विभाग का अमला भी सराफा चौपाटी पर आंख मूंदकर बैठा है
इंदौर। सराफा चाट चौपाटी को लेकर किए गए नगर निगम और अधिकारियों के दावे फेल हो गए हैं। साथ ही साथ रसोई गैस की आपूर्ति के लिहाज से इस मुश्किल दौर में भी यहां तमाम कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर घरेलू सिलिंडरों का उपयोग हो रहा है। हैरानी की बात है कि बीते महीनों में सराफा चौपाटी को धरोहर बताकर संरक्षण के दावे करने वाले तमाम जिम्मेदारों ने इससे आंखें मूंद ली हैं।
बाजार की अग्निसुरक्षा को लेकर सराफा व्यापारी पहले सड़क पर उतर चुके हैं, अब वे नगर निगम व प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। नवंबर में सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन ने आंदोलन करते हुए अपनी दुकानों के ओटले चौपाटी वालों को किराये से देने से मना कर दिया था।
अग्निसुरक्षा को लेकर पहले सर्वे रिपोर्ट में बाजार में खतरा जताया जा चुका था। इसके बाद नगर निगम के अधिकारी और महापौर ने हस्तक्षेप किया। नगर निगम ने 69 दुकानदारों की सूची देकर कहा कि सिर्फ परंपरागत व्यंजन की दुकानें चौपाटी में लगेंगी।
साथ ही चौपाटी में गैस व भट्टी का उपयोग नहीं होगा। सिर्फ इलेक्ट्रिक इंडक्शन का उपयोग होगा। अब जब ईंधन के संकट के दौर में आम घरों से लेकर रे्स्त्रां तक इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं, उस दौर में भी सराफा चौपाटी में घरेलू गैस सिलिंडर का खुलेआम उपयोग हो रहा है। शहर में आम भवन मालिकों के लिए अग्नि सुरक्षा के प्रबंध करने की जाहिर सूचना जारी करने वाले नगर निगम सराफा में नियमों की अनदेखी पर चुप बैठ गया है।
शुल्क देकर लगीं दुकानें
सराफा बाजार में इन दिनों दुकानों की संख्या 150 के पार पहुंच गई है। इनमें पिज्जा-पास्ता से लेकर चाइनीज और फास्ट फूड की दुकानें भी लगा दी गई हैं। जबकि निगम ने दावा किया था कि ऐसे व्यंजन को जगह नहीं दी जाएगी। पूरे सराफा में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग हो रहा है। नईदुनिया ने जब चौपाटी का जायजा लिया तो 10 से ज्यादा स्टालों पर घरेलू गैस सिलिंडर चलते दिखे।
हालांकि इस मामले पर रात्रिकालीन चाट चौपाटी एसोसिएशन के पदाधिकारी घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि कुछ राजनेता और चौपाटी एसोसिएशन मिलकर यहां नई दुकानें लगवा रहे हैं और घरेलू गैस के उपयोग की भी छूट दे दी है। हैरानी की बात ये है कि घरेलू सिलिंडरों की जब्ती के लिए तमाम होटल रेस्त्रां में जांच करने वाला खाद्य विभाग का अमला चौपाटी पर आंख मूंदकर बैठा है।
