मंडला में पटवारी संघ ने किया विरोध प्रदर्शन, प्रशासनिक दबाव के कारण पटवारी संदीप कुशवाहा के मानसिक संतुलन बिगड़ने का लगाया आरोप.

पटवारी पर प्रशासनिक दबाव डाल उत्पीड़न का आरोप
मंडला: प्रशासनिक दबाव और कथित उत्पीड़न के चलते एक पटवारी का मानसिक संतुलन बिगड़ने का आरोप लगाया गया है. पटवारी संघ का कहना है कि अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाया गया. जिसके चलते पटवारी संदीप कुशवाहा की मानसिक स्थिति बिगड़ी है. इसको लेकर पटवारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया और विभागीय जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
फर्जी आवेदन देकर डराने का आरोप
मंडला तहसील के पटवारी संदीप कुशवाहा का मानसिक संतुलन बिगड़ने के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पटवारी संघ अध्यक्ष गीतू बैरागी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा “स्थानीय व्यवसायी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संदीप कुशवाहा पर लगातार दबाव बनाया गया. जब संदीप कुशवाहा इस दबाव में नहीं आए, तो लगभग 3 महीने पहले उन्हें निलंबित कर दिया गया. इसके बाद संपत्ति जांच के नाम पर झूठे और फर्जी आवेदन देकर उन्हें लगातार डराया और धमकाया गया. जिससे उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा.”
न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गीतू बैरागी ने बताया कि “मंडला का एक व्यवसायी, संदीप कुशवाहा के एक रिश्तेदार की जमीन खरीदना चाहता था. इसी उद्देश्य से उसने अधिकारियों के माध्यम से संदीप पर दबाव डलवाया. जब बात नहीं बनी, तो संदीप पर निलंबन की कार्रवाई की गई. जिससे संदीप की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है.” संघ ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

विभागीय जांच और कार्रवाई की मांग
बीते दिन मंडला तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर संदीप के घर पहुंचे थे. अधिकारियों ने संदीप और उनके परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली. लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पटवारी संघ ने मंगलवार को नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रट का रुख किया. पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गीतू बैरागी ने बताया कि “एसडीएम और कलेक्टर मंडला से चर्चा के बाद संदीप कुशवाहा की बहाली का आदेश बैक डेट में जारी किया गया है. यह बहाली केवल पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन अधिकारियों और लोगों ने संदीप को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, उन पर भी विभागीय जांच कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”

फर्जी आवेदन देकर डराने का आरोप
संयुक्त कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
शिवकुमार वर्मा एडिशनल एसपी ने बताया कि संदीप को लेकर जिला पटवारी संघ ने एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें एक व्यापारी और कुछ प्रशासनिक अधिकारी पर जांच की मांग की है. वहीं, संयुक्त कलेक्टर छमा सराफ ने बताया कि “जो ज्ञापन दिया है इन्होंने उसमें कलेक्टर, एस डी एम और तहसीलदार के खिलाफ कुछ मांगों को लेकर इन पर जांच की मांग की है.

