
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत के मामले बढ़ने पर नर्मदा पेयजल लाइन से वितरण बंद किया गया। कलेक्टर के मुताबिक उस क्षेत्र के सभी बोरिंगों में क्लोरीन डाला जा चुका है। हमने रहवासियों को कहा है कि वे बोरिंग का पानी अन्य उपयोग के लिए कर सकते हैं। टैंकरों से भी पानी की सप्लाई की जा रही है।
नर्मदा पाइप लाइनों की फ्लशिंग (प्रेशर से सफाई) की गई
पानी के सैंपल लिए गए हैं, इसकी रिपोर्ट जल्द मिलेगी
शहर के 2300 सरकारी बोरिंग में किया क्लोरीनेशन
इंदौर। भागीरथपुरा के रहवासियों को 11 जनवरी से नर्मदा पेयजल लाइन से पीने योग्य पानी मिलेगा। गुरुवार रात को इस क्षेत्र में नर्मदा पाइप लाइन में प्रेशर से क्लोरीन के माध्यम से पानी की लाइनों का साफ किया गया। लोगों के घरों तक पहुंचे नर्मदा के पानी का सैंपल लिए गए और उसमें क्लोरीन व पानी में मिले अन्य चीजों की जांच की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक गुरुवार को भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइनों की फ्लशिंग (प्रेशर से सफाई) की गई। पानी के सैंपल लिए गए हैं, इसकी रिपोर्ट जल्द मिलेगी। ऐसे में 11 जनवरी से भागीरथपुरा के रहवासी नर्मदा पाइप लाइनों से आने वाले पानी को पी सकेंगे।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में दूषित पानी से मौत के मामले बढ़ने पर नर्मदा पेयजल लाइन से वितरण बंद किया गया। कलेक्टर के मुताबिक उस क्षेत्र के सभी बोरिंगों में क्लोरीन डाला जा चुका है। हमने रहवासियों को कहा है कि वे बोरिंग का पानी अन्य उपयोग के लिए कर सकते हैं। पीने के लिए अभी टैंकरों से उपलब्ध करवाए जा रहे पानी का सेवन किया जाए।
स्वच्छ जल के लिए अलर्ट हुआ प्रशासन
दो दिन में निगम ने शहर के 2300 सरकारी बोरिंग में किया क्लोरीनेशन।
शहर 2250 से अधिक शासकीय बोरवेल की जियो टैगिंग की गई।
50 से अधिक अपशिष्ट क्लोरीन (रेजिडुअल क्लोरीन) के नमूनों के सैंपल लिए गए।
170 से अधिक चिह्नित लीकेज पाइंट जांचे।
इंदौर 311 मोबाइल एप पर जल प्रदाय से संबंधित प्राप्त 200 से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया।
