AI ने छीनी नौकरी, तो बन गए ‘बंटी-बबली’, इंदौर में ज्वैलरी शॉप से 16 लाख की चोरी का सनसनीखेज खुलासा

By Abhishek Raghuvanshi
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आरोपी ग्राफिक्स डिजाइनर कुछ समय पहले तक एक बड़ी आईटी कंपनी में नौकरी करता था। उसका कहना है कि एआई के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। कहा गया कि अब एआई आने से ग्राफिक्स डिजाइन के लिए उसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
एआई ने छीनी डिजाइनर की नौकरी तो छात्रा संग 16 लाख के जेवर चुराए
वारदात के पहले बंटी-बबली फिल्म देखी, रेकी कर ज्वैलरी शाप में सेंध लगाई
इंदौर। इंदौर में रविवार रात को एक ज्वैलरी शाप में हुई 16 लाख कीमत के आभूषण की चोरी में चौंकाने वाला राजफाश हुआ। पुलिस ने एक ग्राफिक डिजाइनर प्रियांशु और नीट की तैयारी कर रही उसकी दोस्त आर्या को गिरफ्तार किया है। आरोपित ग्राफिक्स डिजाइनर कुछ समय पहले तक एक बड़ी आईटी कंपनी में नौकरी करता था। उसका कहना है कि एआई के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। कहा गया कि अब एआई आने से ग्राफिक्स डिजाइन के लिए उसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
नौकरी जाने से खड़े हुए आर्थिक संकट की वजह से उसने चोरी करने की ठान ली। इसके लिए पहले बंटी-बबली फिल्म देखकर चोरी का आइडिया लिया। इंदौर शहर के सिलिकान सिटी स्थित श्री ज्वैलर्स शॉप से रविवार रात को ताला तोड़कर चोरी की गई थी। शॉप के संचालक देवेंद्र सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बुधवार रात को आरोपित प्रियांशु और उसकी दोस्त आर्या को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से चोरी किए गए सारे आभूषण बरामद किए गए हैं।
डीसीपी कृष्ण लालचंदानी के अनुसार, पूछताछ में मंडला निवासी आरोपित प्रियांशु और छत्तीसगढ़ के जसपुर निवासी आर्या ने बताया कि वे दोनों दोस्त हैं और छठी कक्षा से एक साथ पढ़े हैं। इंदौर में राऊ स्थित पलाश कालोनी परिसर में रहते हैं।
एएसआई ने खींचा स्कूटर का फोटो, इसी से मिला सुराग
थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर ने बताया कि आरोपित कई दिनों से दुकान की रेकी कर रहे थे। वारदात के दो दिन पहले आरोपित स्कूटर दूर खड़ा करके रेकी करने गए थे। इसी दौरान एक एएसआई ने संदिग्ध अवस्था में स्कूटर को देखकर मोबाइल से उसका फोटो खींच लिया था।
वारदात के बाद आशंका में स्कूटर मालिक की जानकारी निकाली और वाहन स्वामी से पूछताछ की तो उससे मिली जानकारी के आधार पर प्रियांशु को तलाशा। उसकी लोकेशन घटना स्थल के आसपास मिली। इससे शक पुख्ता हो गया और दोनों को भोपाल रेलवे स्टेशन के समीप से पकड़ लिया। वे आभूषण बेचने की कोशिश कर रहे थे। सराफा में दुकानदारों ने बच्चे समझकर दाम नहीं दिए।

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