100 दिन में ‘छोटा इंदौर’ बनेगा देपालपुर…! जानिए क्या कहते हैं जिम्मेदार

By Abhishek Raghuvanshi
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देपालपुर इन दिनों इंदौर के ‘ट्विन’ के रूप में नई पहचान गढ़ रहा है। 20-25 दिन से स्वच्छता को लेकर यहां प्रचार और नवाचार जारी हैं। ‘छोटा इंदौर’ बनने का सपना यहां घर-घर में पल रहा है। दूसरी तरफ चुनौतियां भी कम नहीं हैं।

देपालपुर इन दिनों इंदौर के ‘ट्विन’ के रूप में नई पहचान गढ़ रहा है। 20-25 दिन से स्वच्छता को लेकर यहां प्रचार और नवाचार जारी हैं। ‘छोटा इंदौर’ बनने का सपना यहां घर-घर में पल रहा है। दूसरी तरफ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सवाल भी है कि क्या 100 दिन में देपालपुर का कायाकल्प हो पाएगा? हालांकि, इंदौर का बुधनी को संवारने का अनुभव यहां काम आ सकता है।

गौरतलब है कि सुपर स्वच्छता लीग के विजेताओं के लिए तय हुआ कि वे अब खुद के साथ एक अन्य शहर को अपना जुड़वा बनाकर उसे भी संवारेंगे। इसी क्रम में इंदौर ने देपालपुर को ‘ट्विन’ बनाया है। ‘ट्विन’ को साफ-सुथरा बनाने के प्रोजेक्ट की शुरुआत करने में इंदौर ने लीग के विजेता बाकी शहरों सूरत और नवी मुम्बई पर बढ़त बना ली है।

इंदौर-देपालपुर की सुपर स्वच्छ जोड़ी

योजना के अनुसार 20 हजार जनसंख्या और 3500 हाउस होल्ड वाले देपालपुर को संवारने में दो से ढाई करोड़ रुपए खर्च होंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश सरकार उपलब्ध करवाएगी और रिसोर्सेस नगर निगम इंदौर देगा। यहां 10 टन वेस्ट रोज निकलता है। 7 टन गीला, 3 टन सूखा। इसके व्यवस्थित संग्रहण (कलेक्शन) पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और प्रोसेस करने के प्रोजेक्ट पर वहां 20-25 लोगों की टीम जुटी है। व्हीकल दौड़ने लगे हैं। लोगों ने दो डस्टबिन रखने शुरू कर दिए हैं। यानी यात्रा चल पड़ी है भरोसे के साथ। जैसा कि नगर परिषद देपालपुर के उपाध्यक्ष गोपाल कटेसरिया कहते हैं- इंदौर-देपालपुर की सुपर स्वच्छ जोड़ी बनेगी।’ हालांकि गंदी गलियों, आवारा पशुओं और प्लास्टिक के बीच फिलहाल यह सपने जैसा ही है।

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