वर्ष 2017 में घोटाला सामने आने पर रावजी बाजार पुलिस में 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में तब जिला आबकारी अधिकारी संजीव दुबे पर भी आरोप लगे थे और उन्हें निलंबित किया गया था।
फर्जी शराब चालान घोटाले में ईडी ने अंश त्रिवेदी व राजू दशवंत को गिरफ्तार किया है। – फोटो : अमर उजाला
इंदौर में आठ साल पहले हुए फर्जी शराब चालान घोटाले में ईडी ने मुख्य आरोपी अंश त्रिवेदी व राजू दशवंत को गिरफ्तार किया है। दोनो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। दोनों को 8 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा गया है।
आरोपियों ने शराब ठेकेदारों द्वारा भरे जाने वाले चालानों में हेराफेरी कर सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। सरकारी कोष में जमा होने वाले चालानों में आरोपी अंकों में राशि दिखते थे, लेकिन शब्दों में नहीं लिखी जाती थी। चालान जमा करने के बाद अंकों में शून्य बढ़ाकर फिर शब्दों में उस राशि को भरा जाता था। लंबे समय तक चालान का मिलान नहीं होने पर घोटाले की राशि करोड़ों रुपये में हो गई थी।
इस मामले में आबकारी विभाग के छह अफसर निलंबित हुए थे और कई अफसरों का इंदौर से तबादला भी तब हुआ था। घोटाला सामने आने के बाद आबकारी विभाग में चालानों से राशि जमा करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया था। इस घोटाले को राजू और अंश त्रिवेदी ने अंजाम दिया था अौर कई माह तक दोनों फरार भी थे।
वर्ष 2017 में घोटाला सामने आने पर रावजी बाजार पुलिस में 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में तब जिला आबकारी अधिकारी संजीव दुबे पर भी आरोप लगे थे और उन्हें निलंबित किया गया था। तब घोटाले से जुड़े कई अफसर अब फिर इंदौर में तबादला होकर आ चुके है। अफसरों ने चालान को राशि जांचने के काम में देरी की। इस कारण आरोपी आसानी से घोटाले को अंजाम देते रहे। थाने में दर्ज प्रकरण के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी और अब इस मामले में गिरफ्तारी की गई।
