बैडमिंटन खेलने के दौरान दवा व्यापारी को आया हार्ट अटैक, दवाई लेने से किया इनकार, दोस्‍तों ने मुंह में रखी तो थूक दी, मौत

By Abhishek Raghuvanshi
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स्वजन ने बताया कि परिवार में पत्नी और दो बेटियां है। बड़ी बेटी अमेरिका में इंटीग्रेटेड कोर्स के फाइनल ईयर में है। वहीं छोटी बेटी 11वीं कक्षा की छात्रा है। अमित अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक रहते थे। इसलिए वह रोजाना बैडमिंटन खेलने के लिए जाते थे। उन्हें अन्य कोई शारीरिक बीमारी भी नहीं थी।
साथियों ने सीपीआर दी, जैन धर्म की परंपरा के चलते दवाई थूक दी।
भूखे पेट के कारण डिहाइड्रेशन और शुगर कम की होती है संभावना।
दो दौर खेलने के बाद बैठे तो अचानक से उन्हें दिल में दर्द होने लगा।
इंदौर। शहर में दिल से संबंधित बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को दवा व्यापारी को बैडमिंटन खेलने के दौरान हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई है। दिल में दर्द होने पर उन्हें साथियों ने सीपीआर ने सीपीआर भी दी, अस्पताल पहुंचे तो डाॅक्टरों ने मृत घोषित किया। यह घटना बुधवार सुबह अभय प्रशाल की है।
अचानक हो गए थे बेसुध
दवा व्यापारी अमित चेलावत (45) निवासी साउथ तुकोगंज रोजाना की तरह सराफा व्यापारी, डाॅक्टर, पुलिस अधिकारी आदि के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे।
दो दौर खेलने के बाद वह बैठे तो अचानक से उन्हें दिल में दर्द होने लगा और वह बेसुध हो गए। इसके बाद साथियों ने उन्हें सीपीआर दी तो वह उठकर बैठ गए।
उन्हें दवाई देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने थूक दी। कहा कि आठ बजे के पहले वह कुछ नहीं खा सकते। फिर भी जबरदस्ती दवाई मुंह में रखी, लेकिन उन्होंने नहीं खाई।
इसके बाद उन्हें दोबारा हार्ट अटैक आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि खुन पतला करने की दवाई खा लेते तो उनकी जान बच सकती थी। क्योंकि इससे उन्हें अस्पताल तक जाने का मौका मिल जाता।
बता दें कि स्वजन ने उनकी आंखें और त्वचा दान की। ताकि जरूरतमंद को इसका लाभ मिल सके। वहीं जैन धर्म की परंपरा नवकारसी के अनुसार सुबह आठ बजे के पहले कुछ खा नहीं सकते हैं।

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