उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में इंसानियत को झकझोर देने वाला तिहरा हत्याकांड सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने कथित सामाजिक बेइज्जती के गुस्से में अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने तीनों शवों को घर के आंगन में बने सेप्टिक टैंक/गहरे गड्ढे में दफना दिया।
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एक हफ्ते से लापता थी महिला और उसकी बेटियांगढ़ी दौलत निवासी फारूक की पत्नी ताहिरा (35) और उसकी दो बेटियां शहरीन (14) व आफरीन (6) करीब एक सप्ताह से लापता थीं। परिजनों द्वारा तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार को ग्राम प्रधान ने थाने पहुंचकर तीनों की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।पति पर शक, पूछताछ में कबूला जुर्मजांच के दौरान पुलिस को सबसे पहले पति फारूक पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर शवों को घर में ही दफना दिया था।आंगन की खुदाई में मिला खौफनाक सचआरोपी की निशानदेही पर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में आंगन की खुदाई कराई गई, जहां से तीनों शव बरामद हुए। शव निकलते ही गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।‘बुर्का न पहनने’ से था नाराजपुलिस और समाचार एजेंसियों के अनुसार, आरोपी फारूक अपनी पत्नी के बिना बुर्का पहने मायके जाने से नाराज था। पूछताछ में उसने बताया कि वह शादी के बाद से पत्नी को पर्दे में रखने पर जोर देता था। उसके मुताबिक, बिना बुर्के बाहर जाने से उसकी सामाजिक इज्जत पर आंच आई, इसी गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।रात में रची और अंजाम दी साजिशआरोपी ने कबूल किया कि 10 दिसंबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच उसने वारदात को अंजाम दिया। पहले उसने पत्नी को गोली मारी। गोली की आवाज सुनकर बेटियां जाग गईं, तो बड़ी बेटी को भी गोली मार दी, जबकि छोटी बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों शवों को करीब सात फीट गहरे गड्ढे में दफन कर ऊपर से ईंटों का फर्श बिछा दिया।अवैध हथियार बरामद, सप्लाई नेटवर्क की जांचपुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने करीब तीन हजार रुपये में अवैध हथियार खरीदा था। फिलहाल हथियार सप्लायर का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है।पहले से चल रहा था घरेलू विवादमृतका के पिता अमीर ने आरोप लगाया कि फारूक लंबे समय से उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। इसको लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन सामाजिक दबाव के चलते हर बार बेटी को वापस भेज दिया गया। उनका कहना है कि अगर हालात की गंभीरता का अंदाजा होता तो वे बेटी को कभी ससुराल नहीं भेजते।भीड़ का आक्रोश और पुलिस का भरोसा
एक हफ्ते से लापता थी महिला और उसकी बेटियां
गढ़ी दौलत निवासी फारूक की पत्नी ताहिरा (35) और उसकी दो बेटियां शहरीन (14) व आफरीन (6) करीब एक सप्ताह से लापता थीं। परिजनों द्वारा तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार को ग्राम प्रधान ने थाने पहुंचकर तीनों की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
पति पर शक, पूछताछ में कबूला जुर्म
जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहले पति फारूक पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर शवों को घर में ही दफना दिया था।
आंगन की खुदाई में मिला खौफनाक सच
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में आंगन की खुदाई कराई गई, जहां से तीनों शव बरामद हुए। शव निकलते ही गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
‘बुर्का न पहनने’ से था नाराज
पुलिस और समाचार एजेंसियों के अनुसार, आरोपी फारूक अपनी पत्नी के बिना बुर्का पहने मायके जाने से नाराज था। पूछताछ में उसने बताया कि वह शादी के बाद से पत्नी को पर्दे में रखने पर जोर देता था। उसके मुताबिक, बिना बुर्के बाहर जाने से उसकी सामाजिक इज्जत पर आंच आई, इसी गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
रात में रची और अंजाम दी साजिश
आरोपी ने कबूल किया कि 10 दिसंबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच उसने वारदात को अंजाम दिया। पहले उसने पत्नी को गोली मारी। गोली की आवाज सुनकर बेटियां जाग गईं, तो बड़ी बेटी को भी गोली मार दी, जबकि छोटी बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों शवों को करीब सात फीट गहरे गड्ढे में दफन कर ऊपर से ईंटों का फर्श बिछा दिया।
अवैध हथियार बरामद, सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने करीब तीन हजार रुपये में अवैध हथियार खरीदा था। फिलहाल हथियार सप्लायर का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पहले से चल रहा था घरेलू विवाद
मृतका के पिता अमीर ने आरोप लगाया कि फारूक लंबे समय से उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। इसको लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन सामाजिक दबाव के चलते हर बार बेटी को वापस भेज दिया गया। उनका कहना है कि अगर हालात की गंभीरता का अंदाजा होता तो वे बेटी को कभी ससुराल नहीं भेजते।
भीड़ का आक्रोश और पुलिस का भरोसा
आरोपी को थाने ले जाते समय मायके पक्ष के लोगों ने आक्रोश जताया और उसे पीटने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शवों को दफनाने में आरोपी को किसी और की मदद तो नहीं मिली।
