बिजली सप्लाय में एक नई व्यवस्था अगले महीने से शुरू होने जा रही है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन और नियामक आयोग के आदेश के मुताबिक प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू कर रही है। सबसे पहले शासकीय कनेक्शनों को प्रीपेड मोड पर किया जाएगा। ऐसा इसलिए कि सरकारी दफ्तरों के बिल अकसर पेंडिंग रहते हैं। कई सरकारी बंगलों और दफ्तरों ने दो से तीन साल का बिल नहीं भरा है। कंपनी ने पहले ही सभी बड़े शहरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। ऐसे में प्रीपेड व्यवस्था में बिजली कंपनी को आसानी होगी।
प्रीपेड व्यवस्था में संबंधित उपभोक्ता को 25 पैसे यूनिट की विशेष छूट दी जाती है। सीजीएम प्रकाश चौहान के मुताबिक पहले चरण में इंदौर शहर के करीब 1450 और कंपनी क्षेत्र के 10 हजार से ज्यादा शासकीय कनेक्शनों को प्रीपेड किया जाएगा। बिजली कंपनी को इन कनेक्शनों का फिलहाल दो माह का अग्रिम बिल भुगतान हो जाएगा। अग्रिम बिल भुगतान के लिए राज्य के वित्त मंत्रालय ने सभी जिलों को सूचना भेज दी है। मौजूदा खपत के आधार पर राशि हर बार ली जाएगी।
अस्पताल जैसी जरूरी सेवाएं शामिल नहीं की गई
आकस्मिक विभाग जैसे अस्पताल, थाने, जलप्रदाय से संबंधित कनेक्शनों को शामिल नहीं किया जाएगा। जहां तक निजी कनेक्शनों की बात है, इस पर निर्णय बाद में लिया जाएगा। इंदौर जिले में 7 लाख 85 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 5.50 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। प्रीपेड बिजली की व्यवस्था वैकल्पिक रहेगी। उपभोक्ता चाहें तो मंथली बिलिंग सिस्टम के स्थान पर प्रीपेड के विकल्प पर भी जा सकते हैं। ऐसे उपभोक्ता, जो महीने में कई दिन घर से बाहर रहते हैं या घर में बिजली का उपयोग कम होता है, उनके लिए प्रीपेड सिस्टम फायदेमंद रहेगा।
अगस्त तक सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश
बिजली कंपनी के एमडी अनूप कुमार सिंह का कहना है शासन के निर्देश पर बिजली कंपनी की स्मार्ट मीटर, सूचना प्रौद्योगिकी और कमर्शियल टीमें प्रीपेड बिजली बिलिंग, वितरण की तैयारी कर रही हैं। पहले चरण में सिर्फ चुनिंदा शासकीय विभागों के कार्यालयों को प्रीपेड बिजली वितरण व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। अगस्त तक सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
